किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने कृषक समृद्धि आयोग के गठन का निर्णय लिया है।
लखनऊ. किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने कृषक समृद्धि आयोग के गठन का निर्णय लिया है। आयोग समय-समय पर सुझाव देगा जिससे 2022 तक किसानों की आय को दोगुना किया जा सके। राज्यपाल ने आयोग के गठन की अनुमति दे दी है। आयोग के अध्यक्ष उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री होंगे।
नवगठित कृषक समृद्धि आयोग के अध्यक्ष मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ होंगे। कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही और नीति आयोग भारत सरकार के सदस्य प्रोफेसर रमेश चंद्र इस आयोग के उपाध्यक्ष होंगे। प्रदेश के मुख्य सचिव और कृषि उत्पादन आयुक्त इसके सदस्य होंगे। प्रमुख सचिव कृषि इस आयोग के सदस्य सचिव होंगे जबकि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के उप महानिदेशक इसके सरकारी सदस्य होंगे।
इसके अलावा अन्तर्राष्ट्रीय चावल शोध संस्थान के डाक्टर यू एस सिंह, आईसीआरआईएसएटी हैदराबाद के महानिदेशक, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्व महानिदेशक मंगला राय, गिरी संस्थान लखनऊ के प्रोफेसर सुरेंद्र कुमार, आईआईएम लखनऊ के प्रोफेसर सुशील कुमार, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्व निदेशक डाक्टर आर बी सिंह आयोग के गैर सरकारी सदस्य होंगे।
बाराबंकी के राम शरण वर्मा, बांदा के प्रेम सिंह, वाराणसी के जय प्रकाश सिंह, मुजफ्फर नगर के धर्मेंद्र मलिक, लखीमपुर खीरी के यशपाल सिंह, महोबा के अरविन्द खरे, बाराबंकी के मुइनुद्दीन, देवरिया के वेद व्यास सिंह, आजमगढ़ के जनार्दन निषाद कृषि प्रतिनिधि के रूप में आयोग में शामिल किये गए हैं। इसके अलावा आईटीसी और महिंद्रा एण्ड महिंद्रा के एक-एक प्रतिनिधि कारपोरेट प्रतिनिधि के रूप में शामिल किये गए हैं।
इसके अलावा 13 विशेष आमंत्री सदस्य बनाये गए हैं, जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर आमंत्रित किया जाएगा। विशेष आमंत्री सदस्यों में निदेशक उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद और कृषि निदेशक के अलावा सहकारिता, पशुधन, मत्स्य, उद्यान, रेशम, ऊर्जा, चीनी उद्योग, सिचाई, लघु सिचाई, वन, खाद्य एवं रसद विभागों के प्रमुख सचिव शामिल हैं।