
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ में विश्व के मुख्य न्यायाधीशों के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन को सम्बोधित किया। सिटी मांटेसरी स्कूल में आयोजित 18वें अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन में विश्व के साठ देशों से आये मुख्य न्यायाधीश, न्यायाधीश और कानूनविद मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मानव कल्याण की पैरोकारी करने वाले हमारे देश ने हमेशा शांति और सौहार्द को बढ़ावा देने का काम किया है। भारत के संविधान के अनुच्छेद 51 में विश्व शांति के प्रोत्साहन के लिए महत्वपूर्ण प्राविधान किए गए हैं। पूरे विश्व के बच्चों महिलाओं, और भावी पीढ़ी को स्वच्छ पर्यावरण और शांतिपूर्ण माहौल उपलब्ध कराना हम सब की नैतिक जिम्मेदारी है, जिससे हम आने वाली पीढ़ियों को एक ऐसी विरासत सौप सके जिसमें शान्ति, एकता और सद्भाव के साथ रहकर निजी और
सामाजिक प्रगति कर सके।
सीएम ने कहा कि जहां तक उत्तर प्रदेश की बात है तो प्रदेश सरकार द्वारा सभी वर्गों को सुलभ एवं सस्ता न्याय दिलाने और महिलाओं, बच्चों, वृद्धजनों, मजदूरों आदि को मानवीय गरिमा के अनुरूप जीवन जीने के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए हमारी सरकार ने न्याय व्यवस्था में व्यापक सुधार के
लिए कई कदम उठाए हैं। राज्य सरकार महिलाओ के विरुद्ध होने वाले अपराधों की रोकथाम के लिए गम्भीरता से प्रयास कर रही है। महिलाओं के उत्पीड़न से जुड़े आपराधिक मामलों के तेजी से निस्तारण के लिए 100 अतिरिक्त विशेष कोर्ट्स गठित किए जा रहे हैं।
सीएम ने आगे कहा कि निचली अदालतों में लगभग ढाई लाख से अधिक वैवाहिक समस्याओं के लम्बित विवादों को ध्यान में रखते हुए सभी जनपदों में पहले से मौजूद फैमिली कोर्ट्स के अलावा 111 अतिरिक्त फैमिली कोर्ट्स स्थापित किए जा रहे हैं। निचली अदालतों में में मोटर व्हेकिल एक्ट, म्युनिसिपल बोर्ड एक्ट व एक्साइज एक्ट के तहत बड़ी संख्या में लम्बित छोटे-छोटे वादों से राज्य सरकार अच्छी तरह अवगत है। प्रदेश सरकार मजिस्ट्रेट कोर्ट की स्थापना कर निचली अदालतों को ऐसे छोटे-छोटे वादों की सुनवायी से मुक्ति दिलाने का कार्य कर रही है।
सीएम ने कहा कि अभी हाल ही में विश्व बैंक द्वारा जारी ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ की उपलब्धि से आप लोग भलीभांति अवगत हैं। पहली बार किसी देश को एक साथ 30 अंको की बढ़त हासिल करने का अवसर प्राप्त हुआ है। इस उपलब्धि में और अधिक सुधार के लिए राज्य सरकारों को महत्वपूर्ण हिस्सेदारी करनी होगी। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा भी राज्य में ‘ईज ऑफ डुइंग बिजनेस’ में और अधिक सुधार के लिए सभी मंडलों में कॉमर्शियल कोर्ट्स स्थापित करने का फैसला किया गया है। पहले चरण में 13 बड़े शहरों में कॉमर्शियल कोर्ट्स की स्थापना की जा रही है। इन न्यायालयों को स्मार्ट कोर्ट्स के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिनमें ई-फाइलिंग की सुविधा प्रदान करते हुए निर्माण एवं बुनियादी परियोजनाओं से सम्बन्धित समझौतों, फ्रेंचाइजी, ज्वाइण्ट वेंचर, प्रबंधन तथा कंसल्टेंसी से सम्बन्धित मामलों को तेजी से निपटाने का प्रबन्ध किया जाएगा।
सीएम ने कहा कि भारत सरकार ने पूरे देश को एक बाजार का स्वरूप प्रदान करते हुए इनडायरेक्ट टैक्स के लिए जीएसटी कानून को जुलाई 2017 से लागू कर दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने जीएसटी कानून को सफलतापूर्वक व्यवहार में लाने का काम किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पुराने और अनुपयोगी कानूनों को समाप्त करने के लिए प्रयासरत हैं। उनकी भावना के अनुरूप राज्य सरकार ने लगभग 300 अनुपयोगी कानूनों को चिह्नित किया है, जिन्हें विधिक प्रक्रिया द्वारा समाप्त किया जाएगा।
Published on:
11 Nov 2017 12:11 pm
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