अमिताभ ठाकुर की 23 याचिकाएं बनेंगी उनके खिलाफ सरकार का ‘हथियार’

आईजी अमिताभ ठाकुर के खिलाफ पहले मुकदमा और फिर निलंबन के बाद सरकार ने उन्हें चौतरफा घेरने की तैयारी कर ली है

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Jul 15, 2015
Amitabh Thakur
लखनऊ। आईजी अमिताभ ठाकुरके खिलाफ पहले मुकदमा और फिर निलंबन के बाद सरकार ने उन्हें चौतरफा घेरने की तैयारी कर ली है। उच्च न्यायालय द्वारा सरकारी सेवा में रहते जनहित याचिका दाखिल करने पर मनाही को आधार बनाकर उनके द्वारा दायर 23 याचिकाओं को उनके खिलाफ हथियार बनाया जाएगा। इसके अलावा ठाकुर को दिए जाने वाले आरोप पत्र में कई महत्वपूर्ण तथ्य शामिल हैं।

सूत्रों के मुताबिक ठाकुर के लिए तैयार आरोप पत्र में उन पर शासकीय क्षमता एवं सरकारी धन के दुरुपयोग के साथ दायर जनहित याचिकाओं में शासन के धन का अपव्यय और अफसरों के समय एवं श्रम की बर्बादी का आरोप है। उनके अध्ययन अवकाश में अध्ययन प्रयोजन मनमाने ढंग से अपूर्ण छोडऩे, अनुशासनहीनता करने और जानबूझकर वित्तीय अनियमितता का भी आरोप है। शाहजहांपुर में मारे गए पत्रकार जगेन्द्र सिंह के परिजनों से मिलकर प्रेसवार्ता और बयानबाजी का मामला भी है। इस बीच शाहजहांपुर में ठाकुर के खिलाफ एक व्यक्ति ने तहरीर भी दी है ऐसी कई और तहरीर आने के संकेत हैं। सभी में मुकदमे भी दर्ज होंगे।

19 जून को डीजीपी मुख्यालय पर एक प्रकरण में अभियोग पंजीकृत कराने की मांग को लेकर डीजीपी मुख्यालय के बाहर ठाकुर के प्रदर्शन को अमर्यादित आचरण से जोड़ा जा रहा है। उत्तराखंड के डीजीपी के खिलाफ व्यक्तिगत जांच और 20 सितंबर 2014 को देहरादून में प्रेस कांफ्रेंस पर भी सवाल हैं। मौलिक भारत नामक गैर सरकारी संगठन के गठन के लिए नोएडा बैठक में जाने और तथ्य छिपाने आदि मुद्दों को भी सरकार आरोप पत्र में शामिल करने जा रही है। अमिताभ पर कई शिकायतों की सनसनी फैलाने और बाद में मामला झूठा निकलने का भी आरोप है। शासन स्तर पर अमिताभ के खिलाफ लंबा आरोप पत्र तैयार किया जा रहा है। इस पर जवाब मिलने के बाद अग्रिम कार्रवाई होगी।

शुक्र है, सारी खराबी पता चल गयी

दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज होने के बाद सीबीआई जांच की मांग के लिए सपत्निक दिल्ली गए निलंबित आईजी अमिताभ ठाकुर बुधवार को वापस लौट आए। उन्होंने सोमवार और मंगलवार को कोई प्रेस नोट नहीं जारी किया लेकिन अपने फेसबुक वाल पर लिखा, 'शुक्र है कि सरकार को एक अफसर के रूप में मेरी सारी खराबियां मालूम हो गईं। क्या हुआ कि ऐसा टेप लीक के बाद ही हुआ।' ध्यान रहे, ठाकुर ने सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव से दूरभाष पर बातचीत को मीडिया में जारी किया था और अगले दिन उनके खिलाफ धमकाने की तहरीर दी थी।

अमिताभ की याचिकाएं जनपक्षधर

अदालती मनाही के बावजूद आईजी अमिताभ ठाकुर की ओर से जनहित में दाखिल याचिकाओं को लेकर सरकार उन पर शिकंजा कसने की तैयारी में है। अमिताभ की याचिकाओं में पीएसी और सीआरपीएफ व आरपीएफ एक्ट में संशोधन की बात है तो लाल-नीली बत्ती के दुरुपयोग रोके जाने का भी मामला है। ठाकुर ने जांच एजेंसियों से सरकार का नियंत्रण समाप्त किए जाने, बीसीसीआई द्वारा राष्ट्रीय खेल पुरस्कार की संस्तुति, सैन्य तथा अद्र्धसैनिक बलों में सस्ती शराब, ज्योतिषियों और स्वघोषित भगवान, सहारा क्यू शॉप जारी किए जाने की जांच, पुलिस कम्प्लेन अथारिटी की मांग, भारत रत्न से संबंधित कुछ बिन्दुओं पर याचिका दाखिल की है। इंटेलीजेंस ब्यूरो तथा राज्य अभिसूचना मुख्यालय द्वारा राजनैतिक अभिसूचना संकलित न किए जाने, सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 पूर्ण अनुपालन कराये जाने, सहारा क्रेडिट कोआपरेटिव सोसाइटी के संबंध में जांच, राज्य सूचना आयोग के कतिपय निर्णयों को चुनौती और धर्मांतरण नियंत्रण संबंधी जनहित याचिका है।

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Published on:
15 Jul 2015 02:17 pm
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