
Lucknow Alert BNS Section 163: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आगामी त्योहारों और परीक्षा सत्र को ध्यान में रखते हुए BNS (भारतीय दंड संहिता) की धारा 163 (पूर्व में धारा 144) को 14 मार्च से प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया है। इस आदेश के तहत दो महीने तक बिना अनुमति के धरना-प्रदर्शन, विरोध मार्च और जुलूस निकालने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
BNS की धारा 163 (जिसे पहले IPC की धारा 144 कहा जाता था) प्रशासन को किसी विशेष क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए अस्थायी प्रतिबंध लगाने की अनुमति देती है। यह धारा तब लागू की जाती है जब प्रशासन को किसी अप्रिय स्थिति या कानून-व्यवस्था भंग होने की आशंका होती है।
आगामी दिनों में होली, शीतला अष्टमी, रमजान, चैत्र नवरात्रि, ईद-उल-फितर, रामनवमी, महावीर जयंती, अंबेडकर जयंती, गुड फ्राइडे, परशुराम जयंती, महाराणा प्रताप जयंती और बुद्ध पूर्णिमा जैसे प्रमुख त्योहार मनाए जाएंगे। इसके साथ ही, मार्च से मई के बीच विभिन्न राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षाएँ भी आयोजित होनी हैं। इस दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए यह प्रतिबंध लागू किया गया है।
BNS धारा 163 लागू होने के बाद राजधानी में निम्नलिखित गतिविधियों पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी गई है:
पिछले कुछ वर्षों में लखनऊ सहित अन्य शहरों में त्योहारों और परीक्षाओं के दौरान कई बार सांप्रदायिक तनाव, अफवाहें और विरोध प्रदर्शन देखने को मिले हैं। लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।
सोशल मीडिया पर किसी भी आपत्तिजनक पोस्ट को शेयर करने से पहले उसकी सच्चाई जांच लें।
किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस कंट्रोल रूम (112) या संबंधित थाने को दें।
लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने साफ कर दिया है कि BNS धारा 163 का सख्ती से पालन करवाया जाएगा। यदि कोई भी व्यक्ति धरना-प्रदर्शन, हिंसा, सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
त्योहारों के दौरान शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लखनऊ में BNS धारा 163 लागू कर दी गई है। प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि इस नियम का पालन करना सभी के हित में होगा। यह नियम 13 मई तक प्रभावी रहेगा, जिसके बाद स्थिति की समीक्षा कर आगे का निर्णय लिया जाएगा।