लखनऊ

Lucknow Nagar Nigam: नगर निगम सख्त, गृहकर बकायेदारों पर कार्रवाई तेज, 19 भवन सील, लाखों की वसूली

Lucknow Update: लखनऊ नगर निगम ने गृहकर बकायेदारों के खिलाफ सख्त अभियान चलाते हुए जोन-8 में 19 भवन सील किए। करीब 28 लाख रुपये बकाया पाए गए, जिनमें से लाखों की वसूली मौके पर हुई। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि कर न चुकाने वालों पर आगे भी कुर्की कार्रवाई जारी रहेगी।

3 min read
Feb 08, 2026
जोन-8 में चला सख्त कुर्की अभियान, लाखों की वसूली,कर अनुपालन नहीं करने वालों को चेतावनी (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

Lucknow Civic Crackdown: नगर निगम लखनऊ ने गृहकर बकायेदारों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा कुर्की अभियान चलाया। नगर आयुक्त गौरव कुमार के स्पष्ट निर्देशों के तहत जोन-8 क्षेत्र में व्यापक कार्रवाई की गई, जिसमें लंबे समय से गृहकर जमा न करने वाले भवन मालिकों को निशाने पर लिया गया। अभियान के दौरान कुल 19 भवनों को सील किया गया, जबकि मौके पर ही कई बकायेदारों से लाखों रुपये की वसूली भी की गई। नगर निगम की इस कार्रवाई को कर वसूली के क्षेत्र में बड़ी प्रशासनिक सख्ती के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि कर जमा न करने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने और राजस्व संग्रह को मजबूत करने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।

ये भी पढ़ें

Gold Silver Price Today: सर्राफा बाजार में सोना फिर उछला, चांदी भी चमकी, शादी सीजन में बढ़ी खरीदारी और निवेशकों की हलचल

जोन-8 बना कार्रवाई का केंद्र

शनिवार को चलाया गया यह अभियान नगर निगम के जोन-8 में केंद्रित रहा। कार्रवाई जोनल अधिकारी विकास सिंह के नेतृत्व में की गई। नगर निगम की टीम सुबह से ही चिन्हित बकायेदार भवनों पर पहुंच गई थी।

  • श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेई वार्ड
  • इब्राहिमपुर द्वितीय वार्ड
  • राजा बिजली पासी प्रथम वार्ड

शामिल रहे। इन वार्डों में स्थित ऐसे भवनों को चिन्हित किया गया था जिन पर लंबे समय से गृहकर बकाया था और बार-बार नोटिस देने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया था।

करीब 28 लाख रुपये बकाया

अभियान के दौरान जिन 19 भवनों पर कार्रवाई की गई, उन पर कुल 27,97,045 रुपये गृहकर बकाया पाया गया। यह राशि नगर निगम के लिए महत्वपूर्ण राजस्व का हिस्सा है, जिसका उपयोग शहर की आधारभूत सुविधाओं के विकास में किया जाता है। अधिकारियों के अनुसार कई बकायेदारों को पहले भी नोटिस दिए गए थे, लेकिन भुगतान न करने पर अब सख्त कदम उठाना जरूरी हो गया था।

मौके पर वसूले गए 9.45 लाख रुपये

अभियान की सख्ती का असर मौके पर ही दिखाई दिया। जिन भवन मालिकों ने टीम को कार्रवाई करते देखा, उनमें से कई ने तुरंत बकाया जमा कर दिया। कुल 11 भवनों से 9,45,505 रुपये की राशि मौके पर ही वसूल की गई। हालांकि शेष भवन मालिकों द्वारा भुगतान न करने पर संबंधित प्रतिष्ठानों और भवनों को नियमानुसार सील कर दिया गया। सीलिंग की कार्रवाई के दौरान पूरे कानूनी प्रावधानों का पालन किया गया।

कुर्की और सीलिंग क्यों जरूरी

नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार गृहकर शहर की सफाई व्यवस्था, सड़क मरम्मत, स्ट्रीट लाइट, नाली निर्माण, पार्कों के रखरखाव और अन्य नागरिक सुविधाओं के लिए मुख्य आय स्रोत है। जब लोग कर जमा नहीं करते, तो विकास कार्यों की गति प्रभावित होती है। इसी वजह से नगर निगम अब बकायेदारों के खिलाफ सख्ती बरत रहा है। अधिकारियों का कहना है कि नियमित करदाताओं के साथ न्याय सुनिश्चित करने के लिए बकायेदारों पर कार्रवाई जरूरी है।

अभियान में ये अधिकारी रहे मौजूद

इस विशेष अभियान में नगर निगम की राजस्व और प्रवर्तन टीम पूरी सक्रियता के साथ शामिल रही। मौके पर मौजूद प्रमुख अधिकारियों और कर्मचारियों में शामिल थे। 

  • जोनल अधिकारी विकास सिंह
  • कर निर्धारण अधिकारी दिव्यांशु पांडे
  • कर अधीक्षक राम अचल
  • राजस्व निरीक्षक राजा भैया
  • अंदलीब जेहरा
  • अनुज गौड़
  • ईटीएफ (Enforcement Task Force) टीम
  • अन्य संबंधित स्टाफ
  • टीम ने सभी चिन्हित भवनों पर पहुंचकर नियमानुसार कार्रवाई की।

पहले नोटिस, फिर कार्रवाई

नगर निगम के अनुसार यह कार्रवाई अचानक नहीं की गई। बकायेदारों को पहले कई बार नोटिस भेजे गए थे। उन्हें कर जमा करने का अवसर भी दिया गया था। इसके बावजूद भुगतान न करने वालों के खिलाफ अंततः कुर्की और सीलिंग की कार्रवाई की गई। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी यही प्रक्रिया अपनाई जाएगी,पहले सूचना, फिर चेतावनी और अंत में सख्त कार्रवाई।

शहर में चलेगा निरंतर अभियान

नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान सिर्फ एक दिन की कार्रवाई नहीं है। शहर के अन्य जोनों में भी ऐसे बकायेदारों की सूची तैयार की जा रही है। जल्द ही अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई देखने को मिल सकती है। नगर आयुक्त ने सभी नागरिकों से समय पर गृहकर जमा करने की अपील की है, ताकि अनावश्यक दंडात्मक कार्रवाई से बचा जा सके। नगर निगम की ओर से कहा गया है कि समय पर गृह कर जमा करें।नोटिस मिलने पर तुरंत प्रतिक्रिया दें। कर अदायगी में लापरवाही न बरतें। सीलिंग जैसी कार्रवाई से बचने के लिए बकाया जल्द चुकाएं.

ये भी पढ़ें

Gold Silver Price Today: सर्राफा बाजार में सोना फिर उछला, चांदी भी चमकी, शादी सीजन में बढ़ी खरीदारी और निवेशकों की हलचल

Also Read
View All

अगली खबर