- साइबर क्राइम का नया अड्डा बना नेपाल, विभूतिखंड पुलिस के सामने पूछताछ में आए कई राज
लखनऊ. cyber crime Secret Revealed धमकी व रंगदारी नहीं साइबर क्राइम एक बड़ा क्राइम बन गया है। सिर्फ कुछ राजदार क्लू और फिर एक क्लिक बस बैंक खाता खाली। और नेपाल अब साइबर क्राइम करने वाले अपराधियों का नया ठिकाना बना रहा है। यह खुलासा साइबर ठगी करने वाले गिरोह के तीन गुर्गों ने विभूतिखंड पुलिस के सामने किया। पूछताछ में कई चौंकाने वाली बाते सामने आईं। पूछताछ में पता चला कि, गिरोह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय है।
चुरा रहे हैं सरकारी डाटा भी :- विभूतिखंड पुलिस ने जब इन साइबर ठगों से पूछताछ की तो इन तीनों ने बताया कि, नेपाल के बुटवल, भैरहवां और पोखरा सहित सीमावर्ती कई जिलों के होटलों में साइबर ठगों के कई गिरोह ने अपना ठिकाना बना रखा है। साइबर ठग नेपाल में बैठकर खातों में सेंध लगा रहे हैं और सरकारी डाटा भी चुरा रहे हैं।
भू-लेख वेबसाइट से चुराते हैं फिंगर प्रिंट :- गिरोह ने कई खुलासे किए जिन्हें सुनकर विभूतिखंड पुलिस भी चौंक गई। ठगों ने बताया कि, उनका नेपाल के बुटवल में अड्डा है। गिरोह बुटवल में बैठकर भू-लेख वेबसाइट से लोगों के डाटा व अंगूठे के निशान तक चोरी कर लेता है। इसके बाद फिंगर प्रिंट के क्लोन तैयार कर और खातों से रकम उड़ा देता है। पुलिस ने जब आरोपियों को दबोचा तो उनके पास से 100 से अधिक अंगूठे के क्लोन, लैपटॉप, मोबाइल व 2.98 लाख रुपये नकदी बरामद हुई।
नेपाल में हैं तीन मुख्य आरोपी :- पुलिस ने गोरखपुर के बांसगांव धनौरा बुजुर्ग निवासी राजेश राय, राहुल कुमार राय और रामसरन गौड़ को गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि, अभी इस गिरोह के तीन मुख्य आरोपी सहित कई शातिर ठगों ने नेपाल में सुरक्षित स्थान बना रखा है। इसमें अजीत कुमार निषाद, दीन दयाल निषाद व किशन कुमार निषाद प्रमुख हैं।
बड़े गिरोह का पर्दाफाश शीघ्र :- प्रभारी निरीक्षक विभूतिखंड चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि, गिरोह के बारे में काफी अहम जानकारी मिली है। कई जालसाजों को चिह्नित किया गया है। पूरी जानकारी जुटाकर जल्द बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा।