-दूसरे आरोपी की आवाज का नमूना लेने की अनुमति
लखनऊ. आईपीएस अरविंद सेन की मुश्किलें और बढ़़ रहीं हैं। उत्तर प्रदेश पशुपालन विभाग में फर्जी टेंडर से ठगी मामले में एंटी करप्शन कोर्ट ने अरविंद सेन और एक अन्य को भगोड़ा घोषित कर दिया है। विशेष जज संदीप गुप्ता ने कहा है कि यदि अरविंद सेन हाजिर नहीं होते हैं तो उनकी संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई शुरू की जाए। इस मामले के एक अन्य अभियुक्त अमित मिश्रा के खिलाफ भी ऐसा ही आदेश जारी किया है। इसी मामले में गिरफ्तार सिपाही दिलबहार यादव के वॉयस सैंपल टेस्ट के भी निर्देश दिए गए हैं। यह आदेश इस मामले की विवेचक व एसीपी गोमतीनगर श्वेता श्रीवास्तव की अर्जी को मंजूर करते हुए दिया है।
अलग अलग अर्जी पर आदेश जारी :- जांच अधिकारी ने 16 दिसंबर को विशेष अदालत में दो अलग अलग अर्जी दाखिल की थी। एक अर्जी के जरिए अरविंद सेन व अमित मिश्रा के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 82 के तहत आदेश जारी करने जबकि दूसरी अर्जी में दिलबहार यादव की ध्वनि का नमूना लेने के लिए अनुमति देने की मांग की थी। उनका कहना था कि अरविंद सेन व अमित मिश्रा की गिरफ्तारी के लिए कई बार दबिश दी गई। लेकिन अभियुक्त फरार चल रहे हैं। लिहाजा विवेचनात्मक कार्यवाही के लिए इनके खिलाफ सम्पत्ति कुर्क करने का आदेश जारी करना नितांत आवश्यक है।
हजरतगंज कोतवाली में दर्ज हुई एफआईआर :- इस फर्जीवाड़े की एफआईआर इंदौर के पीड़ित व्यापारी मंजीत भाटिया ने 13 जून, 2020 को हजरतगंज कोतवाली में दर्ज करायी थी। इसमें 14 लोग गिरफ्तार किये जा चुके हैं और 11 लोगों के खिलाफ चार्जशीट लगायी जा चुकी है। डीआईजी अरविन्द सेन पर 25 हजार रुपये इनाम घोषित है।