लखनऊ

जो ब्राह्मण भाजपा के बहकावे में आ गए थे और अब पछता रहे हैं, बसपा में उनका स्वागत है : मायावती

- बीते चुनाव में भाजपाइयों व कांग्रेसियों ने दलितों को बहकाने की खूब कोशिश की थी। उनके साथ खूब खिचड़ी खाई और खिलाई लेकिन उन्हें दलितों पर गर्व है कि, दलित उनके बहकावे में नहीं आए : मायावती

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Jul 18, 2021
mayawati
Mayawati

लखनऊ. Mayawati New Formula भाजपा से नाराज चले ब्राह्मण समाज से बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने कहाकि, चुनाव 2017 में जो ब्राह्मण भाजपा के बहकावे में आ गए और अब पछता रहे हैं तो पार्टी के दरवाजे खुले हुए हैं। विधानसभा चुनाव 2022 में ब्राह्मणों को फिर से बसपा के साथ जुड़ जाना चाहिए।

एक प्रेस कांफ्रंंस में बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने कहाकि, बीते चुनाव में भाजपाइयों व कांग्रेसियों ने दलितों को बहकाने की खूब कोशिश की थी। उनके साथ खूब खिचड़ी खाई और खिलाई लेकिन उन्हें दलितों पर गर्व है कि, दलित उनके बहकावे में नहीं आए।

किसानों की भावनाएं समझें केंद्र सरकार :- किसान मुद्दे पर केंद्र सरकार को समझाते हुए मायावती ने कहाकि, केंद्र सरकार को किसानों की भी भावनाएं समझनी चाहिए। संसद के मानसून सत्र में बसपा सांसद इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाएंगे। उन्होंने आह्वान किया कि भाजपा के खिलाफ पूरे विपक्ष को एकजुट होना चाहिए। मायावती ने खासतौर पर ब्राह्मणों पर फोकस किया।

अपनी अनदेखी से ब्राह्मण अब पछता रहे :- ब्राह्मणों को समझाते हुए मायावती ने कहाकि, तमाम हथकंडे अपनाकर भाजपा ने पिछले चुनाव में ब्राह्मणों को अपने पक्ष में कर लिया और ब्राह्मण भी उनके बहकावे में आ गए। और एकतरफा वोट किया। पर अपनी अनदेखी से अब ब्राह्मण पछता रहे हैं क्योंकि यह सब जानते हैं कि ब्राह्मणों पर इस सरकार में कितनी ज्यादती हुई है।

ब्राह्मण फिर से बसपा संग जाएं :- बसपा सुप्रीमो ने ब्राह्मणों को न्योता देते हुए कहाकि, अब समय आ गया है कि ब्राह्मण फिर से बसपा संग जुड़ जाएं क्योंकि 2007 के चुनाव में ब्राह्मण बसपा के साथ जुड़े थे और प्रदेश में बसपा की सरकार बन गई थी। बसपा ने भी ब्राह्मणों के हितों का पूरा ध्यान रखा था।

फिर वहीं पुराना फॉर्मूला अजमाने की तैयारी :- यूपी चुनाव 2007 मायावती ने 403 में से 206 सीटें जीतकर और 30 फीसदी वोट के साथ सत्ता हासिल करके देश की सियासत में तहलका मचा दिया था। बसपा 2007 का प्रदर्शन कोई आकस्मिक नहीं था बल्कि मायावती की सोची समझी रणनीति थी। ओबीसी, दलितों, ब्राह्मणों, और मुसलमानों का अट्टू तलमेल बनाया गया। बसपा इसी फॉर्मूले फिर काम कर रही है।

Published on:
18 Jul 2021 02:16 pm