आज गणतंत्र दिवस के दिन हर साल की तहर लखनऊ के विधानसभा के पास गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में प्रेदश मुख्यमंत्री समेत शहर व शहर के आसपास के तमाम लोगों ने पूरे जोश के साथ हिस्सा लिया व भारत माता के प्रति अपने भावों को व्यक्त किया। विधानसभा व आसपास की सजावट को देख कर लगा रहा था कि आज आसमान भी भारतीय ध्वज तिरंगे के रंग में रंग गया है।
इस कार्यक्रम में भारत मां का हर लाल फिर चाहे वो किसी भी जाति धर्म या समुदाय का क्यों न हो तिरंगे को सीने से लगा के भारत मां की जय जय कार कर रहा था। हर धर्म के लोगों एक दूसरे की बांहों में बाहें डाल भारत माता की रक्षा व कसमें खा रहे थे। यहां आज न कोई हिन्दू न मुस्लिम न सिक व न कोई इसाई था। आज यहां आया हर सख्स आज हिन्दुस्तानी था।
आज उन तमाम बातों पर ध्यान जाता है जो बीच बीच में इन हिन्दुस्तानियों को कौम व जाति के नाम पर बांट देती है। समय समय में देश की राजनीतिक हस्तियों व सेलेब्रिटियों के बयानों हर आदमी को कौम के व धर्म के बारे में सोचने को मजबूर कर देते है। लेकिन आज इस कार्यक्रम में ये सारी बयान बाजी कोरी लग रही है।
देश के कौमी विवाद के धर्म के नाम पर राजनीतियों के द्वारा दिए गए बयानों की जमीनी हकीकत जानने के लिए पत्रिका की टीम ने गणतंत्र दिवस में आए हिन्दुस्तानियों से बात की तो सारी हकीकत सामने आगई। आज यहां आया हर हिन्दूस्तानी फिर चाहे वो किसी भी धर्म का क्यों न हो भारत माता व भारत के माहौल के खिलाफ एक बात भी सुनने को तैयार नहीं था। हर धर्म का हिन्दुस्तानी आज पत्रिका से खुल के बात की व बताया कि चाहे असहिष्णुता हो या कोई और मुद्दा ये सब राजनीति की देन है। जमीनी स्तर पर देखा जाए तो पूरे हिन्दुस्तान में हर कोई प्यार और महोब्बत के साथ रहना चाहता है।
लखनऊ के इरफान ने बताया कि हम पहले हिन्दुस्तानी है। हमें भारत माता से भी उतना ही प्यार है जितना की अपने धर्म से। हम अपनी भारत माता के लिए आपनी जान भी दे सकते है, लेकिन जब हमसे ऐसे मौके पर पूछा जाता है कि क्या हमें अपने देश से प्यार है तो आंखे झुक जाती है, क्योंकि ये सवाल ऐसा लगता है कि कोई किसी बच्चे से पूछ रहा है किया तुम अपनी मां से प्यार करते हो। भारत का कोई भी ऐसा मुस्लमान नहीं होगा जो अपने देश से प्यार न करता हो। जो नहीं करता होगा व सच्चा मुस्लमान नहीं होगा।
वीडियो में देखे कि हमारे मुस्लिम भाइयों में भारत मां के प्रति किताना भाव व स्नेह है और ये नफरत फैलाने वालों के बारे में क्या सोचते है।