Lucknow Night Chaos: लखनऊ के गोमती नगर में देर रात क्लब से निकले युवकों ने तेज रफ्तार गाड़ियों से हुड़दंग मचाया। साइबर टावर से 1090 चौराहे तक लोगों में दहशत फैल गई।
Late-night riot by wealthy individuals in Gomti Nagar: राजधानी लखनऊ के पॉश इलाके गोमती नगर में देर रात उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब साइबर टावर स्थित एक क्लब से पार्टी कर निकले कुछ रईसजादों ने सड़कों पर जमकर हुड़दंग मचाया। तेज रफ्तार लग्जरी गाड़ियों में सवार युवकों की लापरवाही और खतरनाक ड्राइविंग ने आम लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना विभूति खंड क्षेत्र स्थित साइबर टावर बिल्डिंग में बने ‘जलवा क्लब’ से देर रात पार्टी खत्म होने के बाद कई युवक बाहर निकले और अपनी गाड़ियों में सवार होकर सड़कों पर निकल पड़े। इसके बाद जो हुआ, उसने पूरे इलाके के लोगों को दहशत में डाल दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, युवकों ने अपनी गाड़ियों को तेज रफ्तार में दौड़ाना शुरू कर दिया। खासतौर पर एक ब्लैक क्रेटा (नंबर: UP32 NV 7865) में सवार युवक हूटर बजाते हुए सड़क पर स्टंट करते नजर आए। वे न केवल तेज गति से वाहन चला रहे थे, बल्कि राहगीरों और अन्य वाहन चालकों को डराते हुए खतरनाक तरीके से ओवरटेक भी कर रहे थे।
साइबर टावर से शुरू हुआ यह हुड़दंग 1090 चौराहे तक जारी रहा। इस दौरान कई बार ऐसा लगा कि कोई बड़ा हादसा हो सकता है। सड़क पर मौजूद आम लोग, महिलाएं और परिवार इस स्थिति से सहम गए और खुद को सुरक्षित रखने के लिए किनारे हटने को मजबूर हो गए।
गोमती नगर को राजधानी का वीआईपी और हाई-प्रोफाइल इलाका माना जाता है, जहां आमतौर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहती है। ऐसे में देर रात इस तरह की घटनाएं होना प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय इस इलाके में पुलिस गश्त बढ़ाने की आवश्यकता है। अगर समय रहते इन युवकों को रोका जाता, तो इस तरह का हुड़दंग नहीं होता।
इस घटना का सबसे ज्यादा असर आम नागरिकों पर पड़ा। देर रात काम से लौट रहे लोग और आसपास के निवासी इस अव्यवस्था से परेशान नजर आए। कई लोगों ने बताया कि वे सड़क पर निकलने से डर महसूस कर रहे थे। स्थानीय निवासी राम कुमार ने बताया, “हम लोग परिवार के साथ बाहर से लौट रहे थे, तभी अचानक तेज रफ्तार गाड़ियां हूटर बजाते हुए आईं। हम डर गए और तुरंत गाड़ी किनारे करनी पड़ी। ऐसा लगा जैसे कोई रेस चल रही हो।”
घटना के दौरान ट्रैफिक नियमों की जमकर अनदेखी की गई। न तो गति सीमा का पालन किया गया और न ही अन्य वाहनों की सुरक्षा का ध्यान रखा गया। हूटर का अवैध इस्तेमाल और खतरनाक ओवरटेकिंग ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। सूत्रों का मानना है कि इस तरह की लापरवाही न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह सड़क पर मौजूद हर व्यक्ति की जान को खतरे में डालती है।
घटना के बाद अब सभी की नजरें पुलिस कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। वाहन का नंबर सामने आने के बाद पुलिस के लिए आरोपियों की पहचान करना आसान माना जा रहा है। थाना विभूति खंड पुलिस को इस मामले में सख्त कदम उठाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह कानून को हाथ में लेने की हिम्मत न कर सके।
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि इस तरह की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि रईसजादों की इस लापरवाही पर अगर समय रहते लगाम नहीं लगाई गई, तो यह प्रवृत्ति और बढ़ सकती है।