लड़खड़ाई स्मार्ट सिटी की पहली चाल, पीएनजी लाइन बिछाने पर अटकी बात

केसरबाग इलाके में हर घर तक पीएनजी सप्लाई पहुंचाने के लक्ष्य में ग्रीन गैस कंपनी ने नगर निगम से जीरो परमिशन कॉस्ट के आधार पर कार्य किए जाने की शर्त लगा दी है।
2 min read
• •
Updated: 2 Aug 2017, 2:34 PM IST
Lucknow Smart City
Lucknow Smart City
लखनऊ। स्मार्ट

सिटी प्रोजेक्ट का फण्ड तो तैयार है लेकिन डीपीआर पर मोहर अभी नहीं लगी
है। अब इसे अगली बोर्ड बैठक का इंतज़ार है। इस बीच ग्रीन गैस कंपनी की ओर से
मेमोरेंडम ऑफ़ असोसिएशन में हेरिटेज जोन में चुने गए केसरबाग़ क्षेत्र में
पीएनजी सप्लाई पहुंचाने की बात कही थी। ग्रीन गैस कंपनी के इस प्रोजेक्ट को
वैसे तो शहर भर में किया जाना जिसे स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट का हिस्सा
बनाया गया है। लेकिन ये पहली ही चाल लड़खड़ाती दिख रही है।

केसरबाग
इलाके में हर घर तक पीएनजी सप्लाई
पहुंचाने के लक्ष्य में ग्रीन गैस कंपनी ने नगर निगम से जीरो परमिशन कॉस्ट
के आधार पर कार्य किए जाने की शर्त लगा दी है। पीएनजी सप्लाई में जुड़ी
ग्रीन
गैस कंपनी के प्रबंधक निदेशक जिलेदार ने बताया कि नगर निगम अधिकारियों
द्वारा कंपनी से संपर्क कर चिन्हित कैसरबाग एरिया में पीएनजी नेटवर्क के
लिए कवरिंग एरिया बनाने की बात कही है। उन्होंने कहा घनी आबादी के चलते इस
इलाके में पीएनजी सप्लाई लाइन बिछाने की लागत सामान्य सप्लाई से कही
ज्यादा है। इसलिए इस कार्य को शुरु की किए जाने से पहले नगर
निगम से वित्तीय सहयोग के साथ ही जीरो परमिशन कॉस्ट पर सीएनजी सप्लाई
बिछाने का कार्य किए जाने की अनुमति देने की बात कही गई है।

आपको बता दें इससे पहले रोड कटिंग चार्ज को लेकर नगर
निगम द्वारा अपनाए जा रहे रवैया के चलते ही 1 साल से पीएनजी सप्लाई लाइन
बिछाने का कार्य बंदी पर है। नगर निगम द्वारा सप्लाई लाइन बिछाने के एवज में
प्रति वर्ग फुट की दर से रोड कटिंग शुल्क मांगा जा रहा है। जबकि कंपनी
द्वारा भूमिगत सप्लाई लाइन बिछाई जाने के कारण अन्य शहरों की तरह सिर्फ गैस
चैंबर के लिए काटी जाने वाली सड़क के आधार पर कटिंग चार्ज देने की बात कह
रही है। ऐसे में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में जीरो पेर्मिशन कॉस्ट का
मुद्दा ग्रीन गैस और नगर निगम के बीच टकराव पैदा कर रहा है।
Published on: