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अंतरराष्ट्रीय शूटर जसपाल राणा का मणिकर्णिका घाट पर हुआ अंतिम संस्कार, बेटे युवराज ने दी मुखाग्नि

Manikarnika ghat varanasi : देश के मशहूर अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज और पद्मश्रि व अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित जसपाल राणा का अंतिम संस्कार मणिकर्णिका घाट पर किया गया। इस दौरान उनके बेटे ने उन्हें मुखाग्नि दी।

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Jaspal Rana Passes Away Indian Shooting Legend Rajasthan Connection Jagatpura Range

Jaspal Rana- File PIC

Jaspal Rana Pass Away: वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर अंतरराष्ट्रीय शूटर जसपाल राणा का अंतिम संस्कार शनिवार की शाम किया गया। यहां उनके बेटे ने उन्हें मुखग्नी दी। इससे पहले वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनके बहनोई और नोएडा से विधायक पंकज सिंह समेत कई भाजपा नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की, जिसके बाद सड़क मार्ग से उनका पार्थिव शरीर राजघाट पहुंचा।

वहीं, नगर निगम की बोट द्वारा जसपाल राणा के पार्थिव शरीर को मणिकर्णिका घाट लाया गया, जहां पर उन्हें सलामी दी गई। इसके बाद उनके बेटे युवराज ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान मणिकर्णिका घाट पर लोगों का जमावड़ा लगा रहा। जसपाल राणा के अंतिम संस्कार में उनके परिजन, उनके बहनोई पंकज सिंह समेत भाजपा के कई पदाधिकारी मौजूद रहे। दरअसल, जसपाल राणा का दिल्ली में देहांत होने के बाद उनका पार्थिव शरीर देहरादून लाया गया था, जिसके बाद उनकी अंतिम इच्छा के अनुसार उनका वाराणसी में अंतिम संस्कार किया गया है।

दरअसल, जसपाल राणा मशहूर अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज थे। उन्हें पद्मश्री और अर्जुन पुरस्कार से भी नवाजा गया था। उनकी बहन सुषमा राणा भी शूटिंग कोच है और वह देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह की पत्नी हैं। बता दें कि पंकज सिंह नोएडा से बीजेपी के विधायक हैं। उत्तराखंड में जन्मे जसपाल राणा ने एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और कई अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत को अनेकों पदक दिलाया थे और इसी बदौलत उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय खेल के इतिहास में विशेष स्थान बनाया था।

भारत के पिस्टल शूटर के हाई परफार्मेंस कोच के रूप में कार्यरत जसपाल राणा म्यूनिख से वापस लौटते समय बीमार हुए थे, जिसके बाद उन्हें नई दिल्ली के साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका उपचार चल रहा था। इसी अस्पताल में 12 जून को उन्होंने अंतिम सांस ली। इस खबर के बाद खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई।

जसपाल राणा भारतीय ओलंपियन और मशहूर निशानेबाज मनु भाकर के कोच भी रह चुके हैं। पिछले कुछ सालों से वह मनु भाकर को ट्रेनिंग दे रहे थे, जिसके बाद उन्होंने निशानेबाजी प्रतियोगिता में दो कांस्य पदक जीते थे। जसपाल राणा ने 1988 में पहली बार सिल्वर मेडल जीता था। इस दौरान वह 31वीं नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में भाग ले रहे थे। उसके बाद 1994 के एशियाई गेम्स में उन्होंने 25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल प्रतिस्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा था। 2006 में उन्होंने गोल्ड मेडल को डिफेंड भी किया था और इसी साल उन्होंने टीम इवेंट में भी गोल्ड मेडल जीता था, जबकि 2006 में ही 25 मीटर स्टैंडर्ड पिस्टल स्पर्धा में भी गोल्ड अपने नाम किया था।

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