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वाराणसी: पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पलटी नर्सिंग छात्रा की मौत की गुत्थी, अबॉर्शन पिल की थ्योरी खारिज; ब्लीडिंग का सच आया सामने

Varanasi molestation case: वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र में हुई नर्सिंग की छात्रा की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, रिपोर्ट में अबॉर्शन पिल का जिक्र नहीं है..

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Varanasi nursing student death

प्रतीकात्मक तस्वीर, Pc-Patrika

Varanasi Heinous Crime: वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र में हुई नर्सिंग की छात्रा की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, रिपोर्ट में अबॉर्शन पिल का जिक्र नहीं है, बल्कि उसकी मौत अत्यधिक ब्लीडिंग के कारण हुई है। पुलिस ने बताया कि छात्रा के साथ जघन्य तरीके से शारीरिक संबंध बनाया गया, जिससे उसके निजी अंगों से ब्लीडिंग होने लगी। इस दौरान शॉक के कारण उसकी मौत हो गई।

जानकारी के मुताबिक, सारनाथ थाना क्षेत्र की रहने वाली छात्रा का शव बॉयज हॉस्टल के सीढ़ियों से बरामद हुआ था। इस मामले में पीड़ित परिवार की तरफ से तहरीर दिए जाने के बाद पुलिस ने आरोपी मोहम्मद समीर को उसके जौनपुर स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि छात्रा को ब्लीडिंग होने के बाद आरोपी समीर मौके से भाग निकला और इसकी जानकारी उसने किसी को नहीं दी। पुलिस के मुताबिक, साक्ष्य मिटाने के लिए उसने पीड़िता का मोबाइल भी ले जाकर छिपा दिया था।

क्या बोलीं एडीसीपी

एडीसीपी लिपि नाग्याच ने बताया कि छात्रा का शव बरामद होने के मामले में थाना सारनाथ पर मुकदमा अपराध संख्या 318/26 पंजीकृत है। उन्होंने बताया कि पहले यह बात सामने आ रही थी कि अबॉर्शन पिल खाने की वजह से छात्रा के निजी अंगों से ब्लीडिंग हुई और उसकी मौत हो गई, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस बात का जिक्र नहीं है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, छात्रा की मौत बर्बरतापूर्वक उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने से हुई है। इस कारण छात्र को अत्यधिक रक्तस्त्राव हुआ और इस कारण उसे शॉक आया और उसकी मौत हो गई।

उन्होंने बताया है कि मृतका के परिजनों ने मोहम्मद समीर के नाम से नामजद तहरीर पुलिस को सौंपी है। उन्होंने बताया कि पहले की तहरीर के अनुसार हत्या के मामले में पुलिस जांच कर रही थी। एडीसीपी ने बताया कि इस मामले में विवेचना और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद दुष्कर्म की धारा, इसके साथ ही सबूत मिटाने की धारा को भी बढ़ाया गया है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में किसी भी तरह से प्रेगनेंसी और अबॉर्शन पिल खाने का जिक्र नहीं किया गया है।

क्या है मामला

दरअसल, सारनाथ थाना क्षेत्र में रहकर एक निजी नर्सिंग कॉलेज में पढ़ाई कर रही जेएनएम द्वितीय वर्ष की छात्रा की बॉयज हॉस्टल में सीढ़ियों से शव बरामद हुआ था। बताया जा रहा है कि छात्रा के निजी अंगों से अत्यधिक खून बह रहा था, इसके बाद उसकी मौत हो गई थी। हॉस्टल में बिजली का काम करने आए इलेक्ट्रीशियन ने छात्रा के शव को देखा उसके बाद उसने शोर मचाना शुरू किया। वहीं, मौके पर पहुंची पुलिस ने छात्रा के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। अंदेशा लगाया जा रहा था कि छात्रा को एबॉर्शन पिल खिलाया गया है, जिसके कारण उसकी मौत हुई है।