
उत्तर प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र के दौरान एक दिलचस्प लेकिन तीखा राजनीतिक प्रसंग चर्चा का विषय बन गया। चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी के विधायक समरपाल सिंह ने ढाबे से जुड़ा एक किस्सा सुनाते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा।
सपा विधायक ने सदन में बताया कि एक बार वे एक भाजपा विधायक के साथ ढाबे पर खाना खाने गए थे। उन्होंने पनीर की सब्जी मंगाई, लेकिन भाजपा विधायक ने पनीर खाने से इनकार कर दिया।
समरपाल सिंह के अनुसार, भाजपा विधायक ने कहा कि “बाजार में सब कुछ नकली मिल रहा है।” इस पर सपा विधायक ने सवाल उठाया कि जब सरकार आपकी है तो नकली सामान की बिक्री पर रोक क्यों नहीं लगाई जाती?
उन्होंने आगे दावा किया कि भाजपा विधायक ने जवाब दिया—अगर सख्ती से कार्रवाई कर दी गई तो असली दूध की कीमत 150 रुपये लीटर तक पहुंच जाएगी।
इस टिप्पणी के बाद सदन में हल्की नोकझोंक भी देखने को मिली। विपक्ष ने मिलावटखोरी को गंभीर मुद्दा बताते हुए सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की।
समरपाल सिंह ने कहा कि यदि बाजार में नकली डेयरी उत्पाद बिक रहे हैं तो यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह खाद्य सुरक्षा कानूनों को प्रभावी तरीके से लागू करे। उन्होंने सवाल किया कि क्या कीमतों के बढ़ने के डर से मिलावट पर कार्रवाई नहीं की जाएगी?
विधानसभा में उठे इस मुद्दे ने खाद्य मिलावट और बाजार निगरानी पर बहस छेड़ दी है। विपक्ष का कहना है कि आम जनता की सेहत से समझौता नहीं किया जा सकता, चाहे कीमतों पर कोई भी असर पड़े।