राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन के तहत 31 दिसंबर 2022 तक यूपी के सभी ग्राम पंचायत ऑप्टिकल फाइबर से जुड़ेंगे
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल भारत का सपना अब साकार हो रहा है। यूपी की पंचायतों को डिजिटल बनाने कवायद तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश की 31,149 ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ दिया गया है। आने वाले 60 दिन में 14,100 ग्राम पंचायतों को और जोड़ा जाएगा। और बाकी बची ग्राम पंचायतों को 31 दिसंबर 2022 तक ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ कर ग्राम पंचायतों को हाइटेक बना दिया जाएगा। जिन ग्राम पंचायतों में ऑप्टिकल फाइबर की सुविधा शुरू हो गई है, उस क्षेत्र में सरकारी दफ्तरों में ऑनलाइन सेवाएं शुरू हो गई है। और यह उम्मीद की जा रही है कि, शीघ्र ही स्कूलों में भी ऑनलाइन पढ़ाई शुरू की जाएगी। पर यह भी तय है कि गांवों में ऑप्टिकल फाइबर की सुविधा मिलने के बाद लोगों का मनोरंजन आसान हो जाएगा। टीवी, मोबाइल पर आसानी से फिल्में देख सकेंगे।
राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन क्या है :- केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन के तहत यूपी समेत पूरे देश में वर्ष 2022 तक सभी गांवों तक ब्रॉडबैंड पहुंचाने का वादा किया है। इस मिशन में आगामी वर्षों में सात लाख करोड़ रुपए का निवेश करने की योजना है। इसके तहत 30 लाख किमी का अतिरिक्त ऑप्टिकल फाइबर केबल नेटवर्क बिछाया जा रहा है। साथ ही 2024 तक टावर का घनत्व भी 0.42 से बढ़ाकर एक टावर प्रति हजार आबादी किया जाएगा। देश में टावरों की संख्या बढ़कर 10 लाख हो जाएगी।
वर्ष 2022 तक 58,194 ग्राम पंचायतों में ऑप्टिकल फाइबर :- प्रवक्ता ने बताया कि पूर्वी यूपी की 17,903 ग्राम पंचायतों और पश्चिमी यूपी की 10,481 ग्राम पंचायतों को 31 दिसंबर 2020 तक ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ा दिया गया। राज्य की 45,416 ग्राम पंचायतों, ब्लॉक मुख्यालय सहित तक ऑप्टिकल फाइबर पहुंचकर ब्रॉडबैंड इंटरनेट उपलब्ध करा दिया जाएगा। इसके बाद शेष बची ग्राम पंचायतों तक ऑप्टिकल फाइबर पहुंचाने की कार्यवाही शुरू की जाएगी। वर्ष 2022 के अंत तक राज्य की सभी 58,194 ग्राम पंचायतों तक ऑप्टिकल फाइबर पहुंच जाएगा और ब्रॉडबैंड इंटरनेट से चलने वाली सरकारी सर्विस का लाभ आम लोगों को मिलने लगेगा।