दीवाली का त्यौहार इन दिनों धूम धाम से मनाने की तैयारी चल रही है। वहीं रेलवे भी लोगों की खुशियों को बढ़ाने के लिए हर संभव तैयारी में जुट गया है, इसमें सबसे खास है हर व्यक्ति को सही समय पर उसके घर पहुंचाना। क्योंकि ट्रेनों में लंबी वेटिंग से काफी परेशानियाँ होती हैं। टिकट की ब्लैक मार्केटिंग और कालाबाजारी करने वाले एक व्यक्ति को रेलवे पुलिस (आरपीएफ़) ने लखनऊ से गिरफ्तार किया है, साथ ही यूपी के कई जिलों में छापेमारी चल रही है।
दीवाली के त्यौहार से पहले ही लखनऊ में बैठकर एडवांस टिकट बनाकर बेचने वालों की धरपकड़ शुरू हो गई है। जो रेलवे की अधिकृत आईडी के अलावा फर्जी आईडी बनाकर टिकट बेचते थे। शुक्रवार देर रात लखनऊ से RPF ने एक प्रमुख दलाल को गिरफ्तार किया है। पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के बादशाहनगर रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ उपनिरीक्षक रणजीत कुमार ने बताया कि, त्यौहार को मद्देनजर रखते हुए दलालों के खिलाफ अभियान शुरू किया गया है। "हमें मुखबिर से सूचना मिली थी कि, आम्रपाली चौराहे के पास स्थित जनसेवा केंद्र पर टिकट की कालाबाजारी अलग अलग नाम से की जाती है। जिसके पास काफी ज्यादा आईडी हैं। ऐसी सूचना पर हमने प्लान बनाकर छापेमारी की थी। इस छापेमारी में अमराई गांव निवासी अंकुर को गिरफ्तार किया गया। जो इन आईडी का प्रयोग करता था।"
आरपीएफ इंस्पेक्टर ने बताया कि, आईआरसीटीसी की फर्जी आईडी पर टिकट बना रहा था। हमने खुद उसे टिकट बनाते हुए गिरफ्तार किया। मौके पर उसके पास कुल सात टिकट पाए गए। इसमें दो लाइव टिकट थे और उन टिकटों की कीमत 2,134 रुपये बताई गई है। टिकट जल्दी और कई आईडी से बुक करने के लिए जिन लैपटॉप, मोबाइल का प्रयोग होता था, उन्हें भी बरामद किया गया है।
आरपीएफ उपनिरीक्षक रणजीत कुमार ने बताया कि, फर्जी आईडी के जरिए गिरफ्तार आरोपी अंकुर यात्रियों से हर टिकट का एक्सट्रा पैसा वसूल करता था। जिसमें स्लीपर टिकट बनाने के लिए 200 रु, एसी टिकट के लिए 300 रु से लेकर 500 रुपये तक अतिरिक्त वसूलता था।