पितरों को तर्पण करने का दिन पितृपक्ष शुरू हो चुका है
लखनऊ। पितरों को तर्पण करने का दिन पितृपक्ष शुरू हो चुका है. पितृ प्रसन्न हों इसके लिए रोजाना लोग उनको जल अर्पण करेंगे। यह सिलसिला 20 सितंबर तक चलेगा। पितृपक्ष समाप्त होते ही महालया के साथ ही नवरात्री का त्यौहर शुरू हो जाएगा।शहर में मां दुर्गा की पूजा इस तरह से होगी जैसे की कोलकाता में होती है. लखनऊ कुछ दिनों के लिए कोलकाता के रंग में रंगा नज़र आने वाला है.
ढाक की ताल, धुनी नृत्य और मां दुर्गा की विशाल प्रतिमा और सुंदर पंडाल कोलकाता की याद दिलाता है. अब ऐसे में घरों में भी पूजा-पाठ, भक्ति -भाव चरम पर होती है. आपको हम बता दें कि दुर्गा पूजा में पहले दिन घट स्थापना से लेकर कैसे करें कन्या पूजन?
शारदीय नवरात्री 21 सितंबर से शुभ मुहूर्त कलश स्थापना
ज्योतिषाचार्य प्रदीप तिवारी ने बताया कि इस बार शारदीय नवरात्री 21 सितंबर से शुरू होगा। लम्बे समय बाद इस बार कलश स्थापना के लिए अभिजात्य मुहूर्त है. दरअसल इस दौरान आपको घट स्थापना के लिए किसी भी शुभ मुहूर्त की प्रतीक्षा नहीं करनी होगी। सूर्योदय के बाद और सूर्यास्त से पहले किसी भी समय की जा सकेगा। घट स्थापना गुरुवार हस्त नक्षत्र को होगा। यह भागवत में बेहद शुभ माना गया है.
देवी मां आएँगी नौका पर जाएंगी मुर्गे पर
इस बार देवी मां का आगमन नौका पर है. वह नौका पर आएँगी इसका सन्देश है कि लोग स्वस्थ रहेंगे और सबका मंगल होगा। मगर उनकी विदाई मुर्गे पर होगी जो यह बताती है कि जनता में इस साल व्याकुलता भी रहेगी। सरकार और सरकारी आदेशों से लोग परेशान हो सकते हैं.
नवरात्री में स्टूडेंट करें सरस्वती पूजन
ज्योतिषाचार्य प्रदीप तिवारी ने बताया कि नवरात्री में मूल नक्षत्र में माता सरस्वती की पूजा बेहद शुभ मानी गई है. यह शुभ समय 27 सितंबर के रात में 9. 40 से शुरू होगा जो अगले दिन 28 सितंबर को 12:17 तक कर सकते हैं. इस मुहूर्त में सरस्वती माता की पूजा विशेष फल देने वाला है.
नवरात्री में नौ दिनों तक इन देवियों की करें पूजा
नवरात्री का पहला दिन - माता शैलपुत्री
दूसरा दिन- माता ब्रह्मचारिणी
तीसरा दिन- माता चंद्रघंटा
चौथा दिन-माता कुष्मांडा
पांचवा दिन-माता स्कंदमाता
छठा दिन - माता कात्यायनी
सातवां दिन- माता कालरात्री
आठवाँ दिन-माता महागौरी
नवां दिन- माता सिद्धिदात्री
नवरात्री व्रत का पारण
नवरात्री व्रत का पारण 30 सितंबर दशमी के दिन होगा