लखनऊ

मायावती-अखिलेश के बयान से हिल गई योगी सरकार, बचाव में उतर आए उप मुख्यमंत्री

बोले-वोट बैंक खिसकने के डर से मायावती ऐसा बयान दे रही हैं।  
2 min read
• •
Updated: 24 Nov 2018, 2:00 PM IST
ayodhya
मायावती-अखिलेश के बयान से हिल गई योगी सरकार, बचाव में उतर आए उप मुख्यमंत्री

लखनऊ. बीएसपी सुप्रीमो मायावती और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव योगी सरकार पर किए गए जोरदार हमले के बाद उत्तर प्रदेश के दोनों मुख्यमंत्री सरकार के बचाव में उतर आए हैं। मायावती के बयान पर डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने कहा कि दलितों, पिछड़ों, गरीबों के लिए बीजेपी सरकार ने काम किया है। उन्होंने कहा कि वोट बैंक खिसकने के डर से मायावती ऐसा बयान दे रही हैं।

डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने कहा कि विकास पर चर्चा करने के लिए कोई तैयार नहीं है। सारे के सारे राजनीतिक दुश्मन एक हो गए। भाजपा से अकेले लडऩे की हैसियत नहीं है। उन्होंने कहा कि अगड़े को झुकना और पिछड़ों को उठना होगा। उन्होंने अयोध्या मसले पर कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है। वहीं अखिलेश यादव के अयोध्या में आर्मी लगाने के बयान पर डिप्टी सीएम ने कहा कि हमारी सरकार बनने के बाद प्रदेश में एक भी दंगा फसाद नहीं हुआ है।

नाकामियों को छिपाने के लिए राम मंदिर का मुद्दा उठाया है

बतादें कि अयोध्या के मौजूदा हालातों पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने बीजेपी पर तगड़ा हमला बोला है। मायावती ने यहां पीसी कर कहा कि नाकामियों को छिपाने के लिए भाजपा ने राम मंदिर का मुद्दा उठाया है। बीएसपी सुप्रीमो ने कहा कि अयोध्या में शिवसैनिकों और विश्व हिंदू परिषद के लोगों का जमावड़ा भी बीजेपी के षडय़ंत्र का एक हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार का कार्यकाल लगभग पूरा हो चुका है। कुछ महीनों बाद लोकसभा चुनाव होने हैं, लेकिन भाजपा के पास उपलब्धियों के नाम पर कुछ नहीं है। ऐसे में बीजेपी राम मंदिर का मसला उठाकर अपनी नाकामियों को छिपाने की कोशिश कर रही है। कहा, अगर बीजेपी के इरादे नेक होते तो उन्हें इस काम के लिए पांच वर्ष तक तक इंतजार करने की जरूरत नहीं थी। यह उनकी राजनीतिक रणनीति है और कुछ नहीं।

नही होगी वापसी
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार 2014 के चुनाव प्रचार में किये गये अपने आधे वादे भी पूरे नहीं कर पाई है। बीजेपी विशेष कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास जनता को बताने के लिए अब कुछ भी नहीं है। बीजेपी के साथ ही नरेंद्र मोदी को भी इस बात की जानकारी है कि 2019 में उनकी सत्ता में वापसी नहीं होने वाली है। इसीलिए लोकसभा चुनाव से ठीक पहले यह लोग राम मंदिर का मुद्दा लेकर आए हैं।

अयोध्या में फौज लगाने की जरूरत है- अखिलेश
यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश के पन्ना में एक चुनाव प्रचार के दौरान अयोध्या में राम मंदिर मामले में जानमाल के भारी नुकसान की आशंका जताते हुए कहा था कि भाजपा किसी भी हद तक जा सकती है। उन्होंने मांग की कि सुप्रीम कोर्ट को अयोध्या में फौज लगा कर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश देने चाहिए। अखिलेश ने कहा था कि भाजपा को न तो संविधान पर भरोसा है और न सुप्रीम कोर्ट पर। कहा कि अगर अयोध्या में फौज लगाने की भी जरूरत पड़े तो वो भी लगाई जाए लेकिन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा को सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्?मान करना चाहिए. राम मंदिर पर अध्?यादेश लाने की बात पर अखिलेश ने कहा कि राम मंदिर पर फैसला सुप्रीम कोर्ट से ही होना चाहिए.

Published on:
Also Read
View All