
अस्पताल से लौटे अभ्यर्थी, फिर भी नहीं टूटा हौसला (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )
68500 सहायक शिक्षक भर्ती में आरक्षण से प्रभावित अभ्यर्थियों का आंदोलन राजधानी लखनऊ के इको गार्डन में शनिवार को 61वें दिन भी जारी रहा। लंबे समय से नियुक्ति की मांग को लेकर धरना दे रहे अभ्यर्थियों ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार की ओर से नियुक्ति प्रक्रिया का शेड्यूल जारी नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन खत्म नहीं होगा। दूसरी तरफ भूख हड़ताल भी छठे दिन में पहुंच गई है। अभ्यर्थियों की मांग है कि दीपावली से पहले सरकार नियुक्ति को लेकर समय-सारिणी जारी करें, ताकि लंबे समय से इंतजार कर रहे सैकड़ों परिवारों को राहत मिल सके।
आंदोलन के बीच राहत की खबर यह रही कि भूख हड़ताल के दौरान तबीयत बिगड़ने पर लोक बंधु अस्पताल में भर्ती कराए गए दो अभ्यर्थियों को शनिवार को छुट्टी दे दी गई। चित्रकूट के दीपक पटेल और बरेली के नसीम फरीदी की अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद धरना स्थल पर मौजूद अभ्यर्थियों ने राहत की सांस ली। हालांकि, अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद भी आंदोलनकारियों का रुख नहीं बदला है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य संबंधी परेशानी और लगातार संघर्ष के बावजूद नियुक्ति की मांग पूरी होने तक वे पीछे नहीं हटेंगे।
68500 सहायक शिक्षक भर्ती में आरक्षण से प्रभावित अभ्यर्थी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। राजधानी के ईको गार्डन में चल रहे इस धरने को शनिवार को 61 दिन पूरे हो गए। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लगातार अपनी बात शासन और सरकार तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट समय-सारिणी नहीं मिली है।
धरना स्थल पर मौजूद अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे इंतजार ने उनके सामने कई तरह की परेशानियां खड़ी कर दी हैं। नौकरी की उम्मीद में वर्षों से तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के साथ उनके परिवार भी इस अनिश्चितता से गुजर रहे हैं। ऐसे में वे चाहते हैं कि सरकार जल्द फैसला लेकर नियुक्ति की प्रक्रिया को आगे बढ़ाए। उनके मुताबिक, केवल आश्वासन से अब बात नहीं बनेगी, बल्कि नियुक्ति शेड्यूल जारी होने से ही उन्हें आगे की स्थिति साफ हो सकेगी।
आंदोलन के दौरान भूख हड़ताल कर रहे चित्रकूट निवासी दीपक पटेल और बरेली निवासी नसीम फरीदी की तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद दोनों को इलाज के लिए लोक बंधु अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शनिवार को अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद दोनों के साथियों ने राहत जताई। धरना स्थल पर मौजूद अभ्यर्थियों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण रही, क्योंकि लगातार भूख हड़ताल के चलते स्वास्थ्य को लेकर चिंता बनी हुई थी। आंदोलनकारियों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष कर रहे हैं। उनकी कोशिश है कि सरकार उनकी स्थिति को गंभीरता से समझे और जल्द ऐसा निर्णय ले, जिससे आंदोलन खत्म हो सके।
अभ्यर्थियों की सबसे बड़ी मांग है कि दीपावली से पहले नियुक्ति प्रक्रिया का शेड्यूल जारी किया जाए। उनका कहना है कि त्योहार का समय नजदीक है और वे चाहते हैं कि इस बार उनके परिवारों को धरने और इंतजार के बीच त्योहार न मनाना पड़े। नियुक्ति को लेकर स्पष्ट कार्यक्रम सामने आने से उन्हें भविष्य की तैयारी करने में आसानी होगी। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे तूफान सिंह और आशुतोष वर्मा ने कहा कि ओबीसी, दिव्यांग, भूतपूर्व सैनिक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित वर्ग के अभ्यर्थी लंबे समय से अपने अधिकारों और नियुक्ति की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार को अभ्यर्थियों की परेशानी को समझना चाहिए और दीपावली से पहले नियुक्ति शेड्यूल जारी करने की दिशा में कदम उठाना चाहिए।
धरना प्रभारी नवीन चौधरी ने कहा कि आंदोलन के चलते अभ्यर्थियों के कई त्योहार धरना स्थल पर ही बीत गए। नवरात्र, दशहरा और करवा चौथ जैसे पर्व भी उन्होंने अपने परिवारों से दूर आंदोलन के बीच गुजारे हैं। अब उनकी इच्छा है कि दीपावली से पहले सरकार कोई फैसला ले, जिससे उन्हें फिर एक बार धरना स्थल पर त्योहार मनाने के लिए मजबूर न होना पड़े। नवीन चौधरी के मुताबिक, अभ्यर्थी लंबे समय से अपनी मांग को लेकर बैठे हैं। परिवारों को भी लगातार यह उम्मीद है कि जल्द कोई रास्ता निकलेगा। उन्होंने सरकार से अपील की कि नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट की जाए, ताकि अभ्यर्थियों और उनके परिजनों को राहत मिल सके।
आंदोलन के बीच शनिवार को ईको गार्डन में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती भी मनाई गई। इस मौके पर अभ्यर्थियों ने उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने सरदार पटेल के योगदान को याद करते हुए सामाजिक एकता, अधिकारों और न्याय के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। अभ्यर्थियों ने कहा कि सरदार पटेल का जीवन एकता और दृढ़ संकल्प का संदेश देता है। इसी भावना के साथ वे भी अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठा रहे हैं। जयंती के कार्यक्रम में आंदोलन में शामिल अभ्यर्थियों ने एक-दूसरे का हौसला बढ़ाया और अपनी मांग पूरी होने तक एकजुट रहने की बात कही।
अभ्यर्थियों का कहना है कि उनकी मांग का समाधान निकलने से लंबे समय से चल रहे आंदोलन का सुखद अंत हो सकता है। नियुक्ति शेड्यूल जारी होने पर उन्हें प्रक्रिया की अगली तारीखों और संभावित समय-सीमा की जानकारी मिल सकेगी। फिलहाल इको गार्डन में धरना जारी है और भूख हड़ताल छठे दिन में पहुंच चुकी है। अब सभी की नजर सरकार के अगले कदम पर है। अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि दीपावली से पहले उनकी मांग पर कोई ठोस निर्णय लिया जाएगा। उनका कहना है कि वे लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं और अब चाहते हैं कि इस मामले में जल्द स्थिति स्पष्ट हो, ताकि उनके परिवारों में भी त्योहार की खुशियां लौट सकें।
Updated on:
31 Oct 2026, 5:25 PM IST
Published on:
31 Oct 2026, 5:25 PM IST
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