
75 जिलों में बनेंगे रोजगार जोन (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )
Yogi Government Employment Zone: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में टेलीफोन कनेक्शन और रसोई गैस के कनेक्शन तक बेचे जाते थे। कांग्रेसियों ने देश को लूटा और आम लोगों को भी लूटने की आदत डाल दी थी। गरीबों के विकास के लिए भेजा जाने वाला पैसा भी जरूरतमंदों तक नहीं पहुंचता था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनधन खातों और डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से इस बंदरबांट को खत्म किया है। अब सरकार की ओर से भेजा गया पैसा सीधे लाभार्थियों के खाते में पहुंच रहा है। मुख्यमंत्री शनिवार को लोकभवन में लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने युवाओं को रोजगार और कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार क्षेत्र विकास योजना का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में सरदार वल्लभभाई पटेल स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट जोन विकसित किए जाएंगे। पहले चरण में लखनऊ, गोरखपुर, कानपुर, झांसी और गौतमबुद्धनगर में आधुनिक कौशल विकास केंद्र स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके बाद प्रदेश के सभी 18 मंडल मुख्यालयों और फिर प्रत्येक जिले तक इस योजना का विस्तार किया जाएगा।
इन केंद्रों की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि युवाओं को एक ही छत के नीचे पंजीकरण, उनकी रुचि और योग्यता के अनुसार प्रशिक्षण तथा रोजगार उपलब्ध कराने की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई युवा हाईस्कूल पास है और नौकरी करना चाहता है तो वह इन केंद्रों पर अपना पंजीकरण करा सकेगा। उसकी योग्यता और रुचि के मुताबिक प्रशिक्षण देकर किसी फैक्ट्री, संस्थान या अन्य प्रतिष्ठान में नौकरी दिलाने की व्यवस्था की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना का लाभ केवल प्रदेश में नौकरी तलाशने वाले युवाओं तक सीमित नहीं रहेगा। विदेश में रोजगार की इच्छा रखने वाले युवाओं को भी संबंधित देश की भाषा और वहां की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाएगा। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यदि कोई युवा नर्सिंग का प्रशिक्षण लेकर जापान या जर्मनी जाना चाहता है तो उसे संबंधित देश की भाषा सिखाई जाएगी। इसके बाद वहां की आवश्यकताओं के मुताबिक प्रशिक्षण देकर संबंधित दूतावास के सहयोग से रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि रोजगार की तलाश करने वाले युवाओं के साथ अधिक उम्र के लोग भी इन एम्प्लॉयमेंट जोन का लाभ उठा सकेंगे। सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश का कोई भी व्यक्ति हुनर और रोजगार के अवसरों से वंचित न रहे।
योगी ने बताया कि कौशल विकास और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए टाटा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल्स, अशोक लीलैंड, बीबीसी ग्रुप, पीटीसी, सीआईपैट, एशियन डेवलपमेंट बैंक, मिंडा और अवाडा जैसी संस्थाओं के साथ समझौते किए गए हैं। इन संस्थाओं के अनुभव, तकनीक और विशेषज्ञता का लाभ प्रदेश के युवाओं को मिलेगा। उन्होंने गौतमबुद्ध नगर में यमुना प्राधिकरण की ओर से विकसित किए जा रहे केंद्र और गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण की भूमिका का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों की जरूरत के हिसाब से युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे उन्हें नौकरी मिलने में आसानी हो और कंपनियों को भी कुशल कर्मचारी मिल सकें।
मुख्यमंत्री ने युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करते हुए सीएम युवा योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत पात्र युवाओं को पांच लाख रुपये तक की ब्याजमुक्त और गारंटीमुक्त सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के माध्यम से भी युवाओं को अपना कारोबार शुरू करने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं के लिए एक साथ दो डिग्री या पाठ्यक्रमों से जुड़ने की व्यवस्था की है। इसका लाभ उठाकर युवा कॉलेज की पढ़ाई के साथ कौशल प्रशिक्षण भी प्राप्त कर सकते हैं। युवाओं को प्रतिदिन कुछ घंटे हुनर सीखने के लिए निकालने चाहिए, ताकि पढ़ाई पूरी होने के बाद रोजगार के लिए भटकना न पड़े।
योगी ने कहा कि भारत के पास दुनिया की सबसे युवा आबादी है और उत्तर प्रदेश के पास देश की सबसे बड़ी युवा आबादी है। यह प्रदेश की कमजोरी नहीं, बल्कि सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कांग्रेस और सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि ये लोग युवाओं की बड़ी आबादी को बोझ मानते थे, जबकि उनकी सरकार ने इसे उपलब्धि और अवसर के रूप में देखा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने युवाओं की संख्या यानी स्केल को प्रधानमंत्री मोदी के स्किल डेवलपमेंट अभियान से जोड़ा है। स्केल के साथ स्किल जुड़ेगी तो रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने कहा, "स्केल हो और स्किल न हो तो गति दुर्गति में बदल जाती है, लेकिन स्केल के साथ स्किल भी हो तो वही गति प्रगति में बदल जाती है।"
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर प्रदेश को विकास की दौड़ में पीछे धकेलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले लोग कहते थे कि उत्तर प्रदेश नहीं बदल सकता, लेकिन हमने तय किया कि यूपी बदलेगा और बदलकर रहेगा। बीमारू उत्तर प्रदेश नहीं था, बल्कि उस समय शासन करने वालों की मानसिकता बीमारू थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों में जिलों में माफिया का दबदबा था। युवाओं की नौकरियों और रोजगार पर माफिया तथा अपराधियों का कब्जा रहता था। नौजवान हताश होकर दूसरे प्रदेशों में पलायन करने और अपनी पहचान छिपाने को मजबूर होते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारें 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया' की व्यवस्था चला रही थीं, जबकि उनकी सरकार ने अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कर प्रदेश के उत्पादों को पहचान दिलाने का काम किया।
योगी ने दावा किया कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सीधे सरकारी नौकरी दी गई है। वहीं, 'एक जनपद-एक उत्पाद' योजना के माध्यम से 3.25 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। बेहतर कानून-व्यवस्था और औद्योगिक माहौल बनने से भी प्रदेश में रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।
कांग्रेस पर हमला जारी रखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब जनधन खातों की बात करते थे तो कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेता उनका मजाक उड़ाते थे। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें कहा गया था कि सरकार की ओर से भेजे गए 100 रुपये में से गरीब तक केवल 15 रुपये पहुंचते हैं। योगी ने कहा कि पैसा रास्ते में खर्च नहीं होता था, बल्कि भ्रष्टाचार और बंदरबांट में चला जाता था। गरीबों के हक और विकास के लिए भेजी गई रकम को बीच में ही हड़प लिया जाता था। जनधन खातों और सीधे लाभ हस्तांतरण की व्यवस्था से यह गड़बड़ी खत्म हुई है। अब लाभार्थियों के खाते में पूरा पैसा पहुंच रहा है और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय भारत को दुनिया की अस्थिर अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता था और देश की पहचान फ्रेजाइल फाइव के रूप में होती थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत दुनिया की पांच बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और तेजी से आगे बढ़ रहा है।
सरदार वल्लभभाई पटेल को याद करते हुए योगी ने कहा कि उन्होंने 563 से अधिक रियासतों को एकजुट कर अखंड भारत के निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी। वह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी होने के साथ संविधान सभा के महत्वपूर्ण स्तंभ, देश के पहले गृह मंत्री और उप प्रधानमंत्री भी थे। गुजरात के केवड़िया में स्थापित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी उनके विराट व्यक्तित्व और योगदान का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी जाति, प्रांत, मत, संप्रदाय, रंग, रूप, बोली और भाषा अलग हो सकती है, लेकिन हमारा भाव एक है। यही भाव 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' की पहचान है और विकसित भारत का आधार भी है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल के सपनों का भारत बनाने के लिए राष्ट्रीय एकता और अखंडता को मजबूत करना जरूरी है।
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Updated on:
31 Oct 2026, 2:37 PM IST
Published on:
31 Oct 2026, 2:36 PM IST
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