
सरदार पटेल जयंती पर सीएम योगी (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )
Rashtriya Ekta Diwas: लौह पुरुष और भारत रत्न सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय एकता, राष्ट्रवाद और सामाजिक समरसता का संदेश देते हुए जातिवाद और क्षेत्रवाद को देश की एकता के लिए बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता को खतरा तब पैदा होता है, जब समाज जाति और क्षेत्र के नाम पर बंटने लगता है। जातिवाद और क्षेत्रवाद जैसी बीमारियां समाज की प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय एकता को चुनौती देने के कुत्सित प्रयासों का मुकाबला सभी को मिलकर करना होगा। यही सरदार पटेल के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
सरदार पटेल की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब भारत में दो कानून नहीं चलेंगे। एक देश में एक विधान और एक निशान की व्यवस्था होनी चाहिए। सरदार पटेल ने जिस राष्ट्रीय एकता और अखंडता का सपना देखा था, उसे साकार करने का काम किया गया है। आज देश के गृह मंत्री भी उस सपने को आगे बढ़ा रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल का जीवन राष्ट्र के प्रति समर्पण, दृढ़ इच्छाशक्ति और एकता का प्रतीक है। उन्होंने देश की रियासतों को एकजुट कर अखंड भारत की नींव मजबूत की थी। ऐसे महान व्यक्तित्व के विचारों को अपनाना और उनके आदर्शों पर चलना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बिना नाम लिए राजनीतिक विरोधियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग जिन्ना को अपना आदर्श मानते हैं, वे लौह पुरुष सरदार पटेल को कैसे अपना आदर्श मान सकते हैं। लौह पुरुष का अनुयायी वही हो सकता है, जिसके मन में राष्ट्रवाद की भावना हो। उन्होंने कहा कि देश की एकता और अखंडता सर्वोपरि है। समाज को बांटने वाली मानसिकता से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को प्राथमिकता देनी होगी।
राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ युवाओं को रोजगार और कौशल विकास से जोड़ने की दिशा में बड़ी पहल करने जा रहे हैं। आज सुबह 10 बजे लोक भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में 1,725 करोड़ रुपये की सौगात से जुड़ी पहल के तहत सरदार पटेल कौशल एवं रोजगार योजना का शुभारंभ किया जाएगा। इसके साथ ही योजना के पोर्टल का लोकार्पण भी प्रस्तावित है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण देकर रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। सरकार की कोशिश है कि युवाओं को केवल डिग्री तक सीमित न रखकर उन्हें उद्योगों और बाजार की जरूरत के अनुरूप हुनरमंद बनाया जाए, जिससे वे रोजगार हासिल करने के साथ स्वरोजगार की दिशा में भी आगे बढ़ सकें।
योजना के तहत प्रदेश के पांच जिलों में आधुनिक कौशल विकास केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण देने की तैयारी है। प्रशिक्षण को रोजगार की वास्तविक जरूरतों से जोड़ने पर विशेष जोर रहेगा। इससे युवाओं को नए कौशल सीखने और उद्योगों में अपनी जगह बनाने का अवसर मिल सकेगा।
कार्यक्रम के दौरान सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों को भी बड़ी सौगात दी जाएगी। मुख्यमंत्री उद्यमियों को टूलकिट और चेक वितरित करेंगे। सरकार की इस पहल का उद्देश्य छोटे कारोबारियों और स्वरोजगार करने वालों को प्रोत्साहित करना तथा उन्हें आर्थिक और तकनीकी रूप से मजबूत बनाना है। प्रदेश में रोजगार सृजन और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए MSME क्षेत्र को महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में उद्यमियों को टूलकिट और आर्थिक सहायता मिलने से उनके कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सरदार पटेल की जयंती पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संबोधन और युवाओं के लिए कौशल विकास योजना का शुभारंभ दो महत्वपूर्ण संदेश लेकर आया है। एक ओर मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय एकता, अखंडता और राष्ट्रवाद को मजबूत करने की अपील की, वहीं दूसरी ओर युवाओं को हुनर और रोजगार से जोड़ने की सरकारी पहल को आगे बढ़ाया। सरकार की मंशा है कि प्रदेश का युवा आत्मनिर्भर बने और उसे अपनी योग्यता के अनुरूप रोजगार के अवसर मिलें। अब कौशल विकास केंद्रों की स्थापना, योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और उद्यमियों को मिलने वाली सहायता पर सबकी निगाहें रहेंगी।
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Updated on:
31 Oct 2026, 11:52 AM IST
Published on:
31 Oct 2026, 11:52 AM IST
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