
दुर्लभ फाल्कन बरामद, तस्कर गिरफ्तार (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )
Lucknow STF Birds Worth 14 Crores: उत्तर प्रदेश STF ने वन्यजीवों की अंतरराष्ट्रीय तस्करी करने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने लखनऊ के मदेयगंज इलाके से मुंबई निवासी एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से सात दुर्लभ प्रजाति के फाल्कन बरामद किए गए हैं। एसटीएफ के मुताबिक, इन पक्षियों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 14 करोड़ रुपये है। आरोपी की पहचान फिरोज मुसर्रत खान निवासी मुंबई, महाराष्ट्र के रूप में हुई है। इस कार्रवाई से वन्यजीवों की तस्करी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के नेटवर्क का खुलासा हुआ है। एसटीएफ के अनुसार, गिरोह उत्तर प्रदेश के जंगलों से संरक्षित पक्षियों को पकड़कर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सप्लाई करता था।
एसटीएफ को काफी समय से संरक्षित वन्यजीवों की अवैध तस्करी करने वाले गिरोह के सक्रिय होने की सूचनाएं मिल रही थीं। इसके बाद अधिकारियों ने विभिन्न टीमों को अभिसूचना जुटाने और तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। अपर पुलिस अधीक्षक अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में STF की लखनऊ टीम इस नेटवर्क पर नजर रख रही थी। इसी दौरान उपनिरीक्षक फैजुद्दीन सिद्दीकी के नेतृत्व वाली टीम को सूचना मिली कि मुंबई का एक व्यक्ति प्रतिबंधित प्रजाति के पक्षियों को लेकर लखनऊ आने वाला है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए एसटीएफ ने वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी), लखनऊ की टीम से संपर्क किया और संयुक्त रूप से कार्रवाई की तैयारी की।
30 अक्टूबर की शाम करीब 7:30 बजे एसटीएफ और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो की टीम ने मदेयगंज थाना क्षेत्र के इरादत नगर मोहल्ले में एक मकान के पास कार्रवाई की। यहां से मुंबई निवासी फिरोज मुसर्रत खान को गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से सात फाल्कन, एक मोबाइल फोन और एक आधार कार्ड बरामद हुआ। STF के मुताबिक, बरामद फाल्कन संरक्षित वन्यजीव श्रेणी में आते हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी कीमत करीब 14 करोड़ रुपये आंकी गई है। इतनी बड़ी कीमत के पक्षियों की बरामदगी के बाद जांच एजेंसियां अब इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुट सकती हैं।
पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि उसका एक गिरोह है, जो प्रतिबंधित और संरक्षित पक्षियों तथा अन्य वन्यजीवों की तस्करी करता है। एसटीएफ की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, गिरोह के सदस्य गोरखपुर, लखीमपुर खीरी और सीतापुर के जंगलों से इन पक्षियों को इकट्ठा करते थे। इसके बाद मुंबई के रास्ते इन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंचाया जाता था। आरोपी ने कथित तौर पर दुबई, सऊदी अरब और बहरीन में पक्षियों की सप्लाई किए जाने की बात भी बताई है। इस खुलासे के बाद जांच का दायरा अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क तक पहुंच सकता है। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और संरक्षित पक्षियों को जंगलों से पकड़ने से लेकर विदेश भेजने तक की पूरी व्यवस्था कैसे संचालित होती थी।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत अनुसूची-1 में शामिल प्रजातियों को उच्च स्तर का कानूनी संरक्षण प्राप्त है। इन वन्यजीवों के अवैध शिकार, पकड़ने, रखने और कारोबार पर कड़ी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। फाल्कन की संरक्षित प्रजातियों की तस्करी वन्यजीवों के संरक्षण के लिहाज से गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर कानून के अनुसार सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
STF ने आरोपी के खिलाफ मदेयगंज थाने में मुकदमा अपराध संख्या 135/2026 दर्ज कराया है। उसके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 9, 39, 49, 50 और 51 के तहत कार्रवाई की गई है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई स्थानीय पुलिस करेगी। फिलहाल सात दुर्लभ पक्षियों की बरामदगी के बाद इस पूरे नेटवर्क की जांच अहम हो गई है। जांच एजेंसियों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचना और यह पता लगाना है कि जंगलों से पकड़े गए संरक्षित पक्षियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में कौन-कौन लोग मदद कर रहे थे।
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Updated on:
31 Oct 2026, 1:44 PM IST
Published on:
31 Oct 2026, 1:35 PM IST
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