सत्ता में वापसी के लिए जी जान से जुटी मायावती आज 61 साल की हो गईं। कभी बड़े ताम—झाम से अपना जन्मदिन मनाने वाली मायावती ने इस बार आखिर क्यों सादगी के साथ मनाने को मजबूर हैं। मायावती के जीवन से जुड़े कुछ ऐसे ही सुने और अनसुने पहलू:
राजनेता से आईएएस बनने का देखा था ख्वाब
एक सामान्य परिवार से उठकर राजनीति में धमक बनाने वाली माया ने कभी सोचा भी नहीं था कि वह एक दिन यूपी की सत्ता भी संभालेंगी। गौतमबुद्धनगर के बादलपुर गांव में रहने वाली माया ने बीए करने के बाद दिल्ली के कालिंदी कॉलेज से एलएलबी किया। साथ दिल्ली के एक स्कूल में शिक्षिका के रूप में काम भी किया। मायावती आईएएस बनना चाहती थीं लेकिन जब राजनीति के प्रति लगाव बढ़ा तो उन्होंने इस क्षेत्र में सभी को अपना दमखम दिखा दिया था। तमाम कठिनाईयों और चुनौतियों से पार पाते हुए वह बसपा का सबसे बड़ा चेहरा बनने में कामायाब हुईं।
नोटों की माला से लेकर सैंडल ने बनाया सुर्खियों में
अपने शासनकाल में प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त—दुरूस्त रखने के लिए जाने जानी वाली माया के साथ कई ऐसे विवाद भी जुड़े रहे। फिर चाहे वह नोटों की माला पहनने का मामला रहा हो या फिर विशेष विमान से सैंडिल मंगवाने का। 2011 में जूलियन असांजे की विकीलीक्स ने मायावती को लेकर सनसनीखेज खुलासे किए थे। नोटों की माला पर विपक्षी दलों के सवालों से घिरने के बाद अब वह अपना जन्मदिन बहुत ही सादगी मना रही हैं। हजार रुपए के नोटों से बनी माला पहनाने की बजाय अब कार्यकर्ता अब उनका जन्म दिन कल्याणकारी दिवस के तौर पर मना रहे हैं। चूंकि चुनाव आयोग भी इस पूरे कार्यक्रम पर अपनी नजर बनाए हुए है, इसलिए इस बार मायावती का जन्मदिन बहुत ही सादगी से मनाया जा रहा है।
कभी मीडिया से उचित दूरी बनाकर चलने वाली माया अब पत्रकारों के न सिर्फ सवालों के जवाब देती हैं बल्कि प्रेस कांफ्रेंस में भी सभी से हल्के—फुल्के माहौल में बातचीत करती हैं। इसी तरह सोशल मीडिया से दूरी बनाने वाली माया ने तकनीक की ताकत को पहचानते हुए इस प्लेटफार्म पर भी अपनी धमक बनानी शुरू कर दी है। इन दिनों फेसबुक, व्हाट्सअप और ट्विटर के जरिए मायावती के गुणगान करते हुए तमाम नारे, संदेश और गाने दिखाई जा रहे हैं। साथ ही साथ मायावती को यूपी में बड़ी जीत दिलाने के लिए टीवी पर बड़ा ऐड भी चलाया जा रहा है।