जन्मदिन पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने मीडिया को संबोधित कर आरक्षण और कर्जमाफी पर अपनी बात रखी
लखनऊ. आगामी चुनाव की आहट के बीच बहुजन समाज पार्टी मायावती ने मंगलवार को अपना 63वां जन्मदिन मनाया। इस मौके पर उन्होंने मीडिया को संबोधित किया और भाजपा-कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। सपा-बसपा ने गठबंधन से कांग्रेस को दूर ही रखा है। इसके जवाब में मायावती ने कहा कि लंबे समय तक राज करने वाली कांग्रेस एंड कंपनी को सबक सीखने की जरूरत है। देश की आजादी के बाद से भाजपा और कांग्रेस की सरकार में जमकर भ्रष्टाचार हुआ है। किसान, गरीब और अन्य पिछड़े वर्गा का विकास नहीं हुआ है। इस बीच मायावती ने आरक्षण और कर्जमाफी पर भी अपनी बात रखी। मायावती ने कहा कि मुसलमानों को भी आर्थिक आधार पर आरक्षण मिलना चाहिए। वहीं कर्जमाफी के मुद्दे पर कांग्रेस को नसीहत दी और कहा कि कर्जमाफी के लिए राष्ट्रनीति बनाने की जरूरत है।
मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में जनता परेशान
तीन राज्यों में कांग्रेस की जीत के बाद यह साफ हो गया है कि वहां की जनता भाजपा के कार्यों से ज्यादा खुश नहीं है। इस विधानसभा चुनाव में भाजपा-कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर रही। मायावती ने कहा है कि मध्य प्रदेश के साथ छत्तीसगढ़ व राजस्थान में जनता काफी परेशान है। भाजपा को यह समझने की जरूरत है कि झूठे वादे और जुमलेबाजी से दलित विरोधी सरकार की ज्यादा दिन तक दाल नहीं गलेगी। यही वजह है कि तीन राज्यों में कांग्रेस की सरकार बनने का बाद भी सवाल खड़े होने लगे हैं।
थोड़े से कर्जमाफी से किसानों को राहत नहीं
मायावती ने कहा कि थोड़े से कर्जमाफी से किसानों को राहत नहीं मिलने वाली है। किसानों का पूरा कर्जमाफ होना चाहिए। ऐसा करके ही हम किसानों की मदद कर सकेंगे। वहीं आरक्षण पर कहा कि बसपा गरीबों को आरक्षण का स्वागत करती है। लेकिन इसका फायदा तभी मिलेगा जब पार्टी संकीरण मानसिकता छोड़े। मायावती ने कहा कि भाजपा ने घिनौनी राजनीति कर भगवान को जाति में बांटा है। आगामी चुनाव में इसका खामियाजा उनको उठाना पड़ेगा। सपा-बसपा गठबंधन से भाजपा की नींद गायब हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ही अमित शाह एंड कंपनी काफी परेशान हैं और इनकी इस परेशानी को हमे और बढ़ाना है। चुनावी मोड में रहीं मायावती ने कहा कि पुराने गिले शिकवे भुलाकर सपा-बसपा को एकजुट होकर काम करना है।