छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार में बीते दिनों सतनामी समाज के लोगों ने सरकार के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान सतनामी समाज ने कलेक्ट्रर ऑफिस और एसपी ऑफिस को आग के हवाले कर दिया था। इस मामले में कई लोगों की गिरफ्तारी हुईं। वहीं, अब इस बसपा सुप्रीमो मायावती की प्रतिक्रिया सामने आई है।
छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार में 10 जून को सतनामी आस्था के केंद्र अमर गुफा में असमाजिक तत्वों द्वारा तोड़फोड़ की घटना पर बहुजन समाज पार्टी की प्रतिक्रिया सामने आई है। मायावती ने निर्दोषों की तत्काल रिहाई और शरारती तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
मायावती ने सोमवार को सिलसिलेवार ट्वीट कर कहा कि जय स्तंभ को काट कर फेंकना अति चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि जब सतनामी समाज के लोगों ने इस बारे में सीबीआई जांच की मांग की तो उन्हें ही आरोपी बना दिया गया। उनकी मांग है कि निर्दोषों की तत्काल रिहाई और दोषियों की पहचान कर उन्हें उनके कृत्य की सजा दी जाए।
मायावती ने 'X' पर पोस्ट करते हुए लिखा, “छत्तीसगढ़ में सतनामी समाज के आस्था के केंद्र गिरौदपुरी से लगा हुआ अमर गुफा में असामाजिक तत्वों के द्वारा परमपूज्य बाबा गुरूघासी दास जी के जय स्तंभ को काटकर फेंक दिया जाना अति-चिन्ताजनक।”
मायावती ने कहा “इसके विरोध में सतनामी समाज द्वारा सीबीआई जांच की मांग को लेकर बलौदा बाजार में किये गये धरना प्रदर्शन के दौरान कलेक्टर परिसर में षड्यंत्रकारी असामाजिक तत्वों द्वारा की गई तोड़-फोड़ आदि की घटना भी अति निदंनीय है उक्त घटना की आड़ में शासन प्रशासन द्वारा निर्दोष सतनामी समाज के लोगों की गिरफ्तारी व मारपीट के ऊपर रोक लगाई जाये तथा उन्हें बिना शर्त तत्काल रिहा किया जाये व असली दोषियों के ऊपर जांच कर कार्यवाही की जाए।”
गौरतलब है कि बलौदा बाजार में हुई हिंसक घटना को लेकर भी पुलिस ने कई आरोपियों को हिरासत में लिया। वहीं, विपक्ष का कहना है कि छत्तीसगढ़ पुलिस बेगुनाहों पर कार्रवाई कर रही है।