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मम्मी-पापा मुझे…प्यार के लिए ‘अनारकली’ बनी गर्लफ्रेंड, वंदे भारत के सामने कुद प्रेमी संग दी जान

सूर्यकांत और दीपाली के बीच पिछले छह महीने से प्रेम संबंध था। 8 जनवरी से दीपाली घर से गायब थी।

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लखनऊ

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Anuj Singh

Jan 11, 2026

प्रेमी युगल ने की आत्महत्या (Source- Imagenry)

प्रेमी युगल ने की आत्महत्या (Source- Imagenry)

Lucknow News: यूपी की राजधानी लखनऊ की इस घटना ने पूरी राजधानी को सन्नाटा कर दिया। 40 साल के सूर्यकांत और 25 साल की दीपाली ने वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के सामने आकर अपनी जान दे दी। पुलिस को मौके से दो सुसाइड नोट भी मिले हैं।

दोनों के बीच था प्रेम संबंध

सूर्यकांत नीलमथा इलाके में अपनी पत्नी सविताकांत और बेटे कृष्णकांत के साथ रहता था। वह सदर स्थित एक निजी कंपनी में फील्ड वर्कर था। उसी ऑफिस में दीपाली कैशियर के पद पर काम करती थी। पुलिस के मुताबिक, दोनों के बीच पिछले छह महीने से प्रेम संबंध चल रहा था। दीपाली का परिवार सुशांत गोल्फ सिटी के अर्जुनगंज ग्राम शाहखेड़ा में रहता है।

8 जनवरी से गायब थी दीपाली

परिवार वालों ने बताया कि दीपाली 8 जनवरी को ऑफिस जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। देर रात परिवार ने सुशांत गोल्फ सिटी थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।

ट्रेन के सामने लेटकर दी जान

शनिवार दोपहर करीब 1:45 बजे तालकटोरा के जलालपुर फाटक के पास रेलवे ट्रैक पर दोनों के शव मिले। पुलिस ने बताया कि दोनों वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन से कट गए। शवों की पहचान आधार कार्ड से हुई। मौके पर दो मोबाइल फोन, आधार कार्ड, कपड़ों से भरे दो बैग और दो सुसाइड नोट मिले।

सुसाइड नोट में क्या लिखा?

दीपाली ने अपने नोट में दीपाली ने लिखा कि मम्मी-पापा मुझे माफ कर देना, मैं आप लोगों को हर्ट नहीं करना चाहती थी। मुझे मेरा कान्हा मिल गया था। सूर्यकांत ने अपनी पत्नी सविता के लिए लिखाकि मुझे माफ कर देना, मेरा पहला प्यार तुम ही हो।

परिजन और पुलिस पहुंचे मौके पर

घटना की खबर मिलते ही दीपाली के पिता अमरेंद्र, मां बबिता, भाई हर्ष और अन्य रिश्तेदार मौके पर पहुंचे। सूर्यकांत के पिता उमाकांत और भाई चंद्रकांत भी आए। एडीसीपी धनंजय कुमार कुश्वाहा, एसीपी राजकुमार सिंह और थाना प्रभारी कुलदीप दुबे भी वहां पहुंचे। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।

स्थानीय लोगों ने देखा था दोनों को

लोगों ने बताया कि शनिवार को वे दोनों को ट्रैक के पास घूमते देखा था। जब वंदे भारत ट्रेन का सिग्नल हुआ, तो दोनों ट्रैक पर लेट गए। आसपास के लोग उन्हें बहुत जोर से पुकारते रहे, लेकिन उन्होंने किसी की बात नहीं मानी। लोगों का कहना है कि यहां शॉर्टकट के लिए टूटी दीवार से ट्रैक पार करते हैं।