
दोस्त की कार में ही चली गई जान; आरोपी नाबालिग पर हत्या का केस (Source: Police Media Cell)
Lucknow Birthday Party Turns Fatal: लखनऊ में एक दर्दनाक घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। जन्मदिन की खुशी कुछ ही मिनटों में मातम में बदल गई, जब 13 वर्षीय छात्र उनैज की गोली लगने से मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने हत्या की एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना में आरोपी एक नाबालिग बताया जा रहा है, जो प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के रिश्तेदार का बेटा बताया जा रहा है। घटना सोमवार दोपहर की है, जब आरोपी छात्र अपने जन्मदिन के मौके पर दोस्तों के साथ जश्न मनाने निकला था। लेकिन कार में हुई कथित पार्टी के दौरान चली गोली ने एक मासूम की जिंदगी खत्म कर दी।
मृतक उनैज सरोजनी नगर क्षेत्र के बेहसा गांव का रहने वाला था और स्टेला मैरी स्कूल में कक्षा सात का छात्र था। उसके पिता जमीर खान इलाके में इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान चलाते हैं। परिवार के अनुसार, कृष्णानगर स्थित बालाजी कॉम्प्लेक्स में रहने वाले संजीव त्रिपाठी के नाबालिग बेटे का जन्मदिन था। वह अपने दो दोस्तों और ड्राइवर के साथ कार लेकर उनैज के घर पहुंचा। जमीर खान ने बताया कि उन्होंने बेटे को भेजने से मना किया था, लेकिन आरोपी छात्र और उसके साथियों ने दोस्ती का हवाला देकर उसे साथ चलने के लिए मना लिया। आखिरकार उनैज अपने दोस्तों के साथ कार में बैठकर चला गया।
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी छात्र ने अपने घर के नीचे कार खड़ी करवाई। कार में आरोपी समेत चार किशोर और ड्राइवर मौजूद थे। सभी कार के अंदर ही जन्मदिन पार्टी मना रहे थे। इसी दौरान अचानक गोली चल गई। गोली सीधे उनैज के माथे में जा लगी। गोली लगते ही कार में अफरातफरी मच गई। घबराए हुए बच्चे और ड्राइवर तुरंत घायल छात्र को लेकर लोकबंधु अस्पताल पहुंचे। लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक के पिता जमीर खान ने बताया कि आरोपी छात्र के पिता संजीव त्रिपाठी ने फोन कर घटना की जानकारी दी। इसके बाद वे तुरंत अस्पताल पहुंचे, जहां उन्हें बेटे की मौत की खबर मिली। पिता का आरोप है कि यह सिर्फ हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है। उनका कहना है कि गोली गलती से नहीं लग सकती, क्योंकि गोली सीधे माथे के बीच में लगी है। उन्होंने आशंका जताई कि घटना के दौरान कुछ लोगों ने उनके बेटे को पकड़ रखा होगा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने हत्या की धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। एफआईआर में शामिल हैं। कार में मौजूद तीनों नाबालिग छात्र। आरोपी छात्र के माता-पिता
जांच में सामने आया है कि घटना में इस्तेमाल रिवॉल्वर आरोपी छात्र के पिता संजीव त्रिपाठी के नाम पर लाइसेंसी हथियार है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि हथियार नाबालिग तक कैसे पहुंचा और सुरक्षा नियमों का पालन क्यों नहीं किया गया।
घटना के बाद मामला राजनीतिक रूप से भी चर्चा में आ गया है। आरोपी छात्र के चाचा गुड्डू त्रिपाठी पूर्व एमएलसी रह चुके हैं। वहीं, परिवार ने आरोप लगाया है कि राजनीतिक प्रभाव के कारण मामले को दबाने की कोशिश हो सकती है। मंगलवार को जब उनैज का शव गांव लाया गया तो बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। गुस्साए लोगों ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और जल्द गिरफ्तारी की मांग की।
मोहनलालगंज से समाजवादी पार्टी के सांसद आर.के. चौधरी भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि यदि दो दिनों के भीतर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।सांसद ने घटना को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि राजधानी में बच्चों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।
मृतक के पिता जमीर खान ने एक और गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि आरोपी छात्र के पिता ने पहले पेरेंट्स-टीचर मीटिंग के दौरान उन्हें देख लेने की धमकी दी थी। इस बयान के बाद पुलिस ने पुराने विवादों और दोनों परिवारों के संबंधों की भी जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच निम्न बिंदुओं पर केंद्रित है,गोली दुर्घटनावश चली या जानबूझकर चलाई गई। घटना के समय कार में मौजूद सभी लोगों की भूमिका। हथियार की सुरक्षा और लाइसेंस नियमों का उल्लंघन। मोबाइल फोन और सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण। बच्चों के बयान और फॉरेंसिक रिपोर्ट। फॉरेंसिक टीम ने कार और हथियार को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
इस घटना ने एक बार फिर नाबालिगों के हाथों में हथियार पहुंचने पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लाइसेंसी हथियार रखने वालों को उसकी सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी निभानी होती है। अगर लापरवाही साबित होती है तो अभिभावकों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई संभव है।
बेहसा गांव में उनैज की मौत से मातम पसरा हुआ है। स्कूल के दोस्त, शिक्षक और स्थानीय लोग सदमे में हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पड़ोसियों का कहना है कि उनैज बेहद शांत और पढ़ाई में अच्छा बच्चा था। जिस जन्मदिन पार्टी में वह खुशी मनाने गया था, वहीं से उसकी लाश वापस आई- यह बात पूरे इलाके को झकझोर रही है।
पीड़ित परिवार ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पिता जमीर खान ने कहा कि मेरा बेटा जिंदा घर से गया था, लेकिन वापस उसकी लाश आई। हमें सिर्फ न्याय चाहिए। अब पूरे मामले पर पुलिस कार्रवाई और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे यह साफ हो सकेगा कि यह हादसा था या सुनियोजित हत्या।
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Published on:
03 Mar 2026 07:58 pm
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