पूरे देश में जितने बच्चों में दिमागी इंफेक्शन होता है, उसमें से 56 प्रतिशत बच्चे उत्तर प्रदेश में पाए जाते हैं।
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के बच्चों की दिमागी बीमारियों से लड़ने के लिए लंदन में कार्यरत लखनऊ के एक डाक्टर ने अनोखे अभियान की शुरुआत की है। पिछले तीन सालों से ऐसे बच्चों के लिए पायलट प्रोजेक्ट के रूप में कार्यक्रम चला रहे डाक्टर राहुल भारत ने बताया कि पूरे देश में जितने बच्चों में दिमागी इंफेक्शन होता है, उसमें से 56 प्रतिशत बच्चे उत्तर प्रदेश में पाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक दिमागी इंफेक्शन होता है। उत्तर प्रदेश में भी पूर्वी उत्तर प्रदेश के बच्चे सबसे अधिक इसकी चपेट में आते हैं।
सॉफ्टवेयर से मिलेगा डाक्टरों को प्रशिक्षण
डाक्टर राहुल ने बताया कि दिमागी इंफेक्शन से पीड़ित बच्चों के इलाज के लिए भारतीय मूल के ब्रिटिश डाक्टर राहुल भारत ने चार साल पहले जीनियस लेन चाइल्ड डेवलपमेंट सेंटर खोला था। इस सेंटर के माध्यम से बच्चों के इलाज के अनुभव के आधार पर एक सॉफ्टवेयर विकसित किया है जिसकी सहायता से प्रदेश के दूरदराज के जिलों में बैठे डाक्टर ऐसे बच्चों को आसानी से पहचान कर उनका इलाज अपने सीमित संसाधनों में कर सकेंगे।
पूरे प्रदेश में बच्चों के इलाज की शुरू होगी व्यवस्था
डाक्टर राहुल ने बताया कि बच्चों की इस बीमारी को लेकर उत्तर प्रदेश इंडियन एकेडमी पीडियाट्रिक्स और उत्तर प्रदेश के विभिन्न बाल रोग विशेषज्ञों के साथ बैठक हुई। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि उत्तर प्रदेश के हर जिले में कम से कम एक अनुभवी बाल रोग विशेषज्ञ उपलब्ध हो जो दिमागी बीमारी के बारे में सघन प्रशिक्षण प्राप्त करेगा। प्रत्येक जिले में कम से कम एक चाइल्ड डेवलपमेंट सेंटर खोलने की शुरुआत होगी। इन केंद्रों के माध्यम से बच्चों की पहचान कर उनके इलाज की प्रक्रिया शुरू होगी।
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