
Ministers Report Card:उत्तराखंड निकाय चुनाव में भाजपा ने खासतौर पर नगर निगमों में शानदार प्रदर्शन किया है। लेकिन धामी कैबिनेट के कद्दावर मंत्रियों में शुमार सतपाल महाराज, सुबोध उनियाल और शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत घरेलू पिच पर हिट विकेट हो गए हैं। हालांकि काबीना मंत्री गणेश जोशी और सौरभ बहुगुणा अपनी प्रतिष्ठा बचाने में कामयाब रहे। भाजपा को सबसे बड़ा झटका शिक्षा मंत्री डॉ. रावत के विधानसभा क्षेत्र श्रीनगर के नगर निगम मेयर चुनाव में लगा है। यहां भाजपा से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ीं आरती भंडारी ने डॉ. रावत के सियासी चक्रव्यूह को ध्वस्त करते हुए भाजपा को धूल चटा दी। श्रीनगर नगर निगम में करारी हार से भाजपा हैरान है। हालांकि भाजपा के सभी मंत्रियों ने अपने प्रत्याशियों को जिताने के लिए पूरी ताकत झोंकी थी। कई इलाकों में भाजपा और कांग्रेस के विधायकों के गढ़ों पर भी विरोधियों से सेंध लगाई है। सबसे बड़ी बात ये है कि सीएम धामी की विस वाले पूरे जिले में भाजपा ने शानदार जीत हासिल कर इतिहास रचा है। अल्मोड़ा में कांग्रेस विधायक मनोज तिवारी अपने प्रत्याशी को चुनाव नहीं जिता पाए हैं। यहां पर भाजपा ने बाजी मारी है।
शिक्षा मंत्री डॉ. रावत के विधानसभा क्षेत्र का निकाय होने के कारण श्रीनगर पहले दिन से चर्चा में था। चुनाव को अपनी राजनीतिक प्रतिष्ठा से जुड़ा देख डॉ. रावत ने अपना सिंगापुर शैक्षिक भ्रमण भी एक दिन लेट कर दिया था। एक के बाद एक एक जनसभाएं, रोड शो और डोर-टू-डोर प्रचार और हर साम-दाम-दंड-भेद अपनाने के बावजूद रावत की टीम श्रीनगर की जनता की नब्ज को महसूस नहीं कर पाई। आरती और उनके पति लखपत भंडारी ने अपने आक्रामक प्रचार अभियान के जरिए श्रीनगर में भाजपा की पूरी रणनीति को ध्वस्त कर दिया।
चुनाव के नतीजों ने उत्तराखंड के सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज और वन मंत्री सुबोध उनियाल को भी करारा झटका दिया है। सतपाल महाराज के विधानसभा क्षेत्र में आने वाली सतपुली नगर पालिका में कांग्रेस ने भाजपा को करीब 40 प्रतिशत अधिक मतों से पटखनी दे दी है। वहीं सुबोध उनियाल के विधानसभा क्षेत्र नरेंद्रनगर में भाजपा की और भी ज्यादा दुर्गत हुई। यहां निर्दलीय प्रत्याशी निर्मला बिजल्वाण ने भाजपा प्रत्याशी को छह हजार से ज्यादा वोटों से हराया है। बिजल्वाण को 9296 वोट मिले हैं जबकि भाजपा प्रत्याशी बीना जोशी को महज 3245 वोट ही मिल पाए।