
लखनऊ. महिला सशक्तिकरण के लिए शुरू हुए मिशन शक्ति की तस्वीरें लखनऊ से लेकर ललितपुर तक, गाजीपुर से लेकर गाजियाबाद तक हर गली चौराहे पर लगी हैं। इन तस्वीरों के बीच में महिलाओं की सुरक्षा के लिए 12 महीने, सातों दिन, दिन रात खड़ी रहने वाली उत्तर प्रदेश पुलिस का चेहरा बनी एक लड़की चर्चा का विषय बनी हुई है। उत्तर प्रदेश पुलिस में महिला सिपाही का यह पोस्टर सोशल मीडिया से लेकर हर तरफ छाया हुआ है।
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सुलतानपुर की अनीता बनी पोस्टर गर्ल
यह तस्वीर है उत्तर प्रदेश पुलिस के कंट्रोल रूम 112 पर काम करने वाली अनीता की। सुल्तानपुर के कादीपुर इलाके की रहने वाली अनीता के पिता केदार नाथ यादव ट्रक ड्राइवर हैं, भाई भी इसी धंधे में लगा है। ट्रक ड्राइवर की बेटी अनीता 2016 में उत्तर प्रदेश पुलिस में बतौर सिपाही भर्ती हुईं। शुरू से महिला और बच्चों संबंधी अपराध पर काम करती आई हैं। ट्रेनिंग के बाद पहली पोस्टिंग उन्नाव कोतवाली में मिली तो पहली तैनाती के बाद से ही महिला संबंधी अपराध पर संवेदनशीलता से काम करना उसकी प्राथमिकता बन गई। यही वजह थी कि आफ़सरों ने भी अनीता के रुख को भांपते हुए उन्नाव कोतवाली में बनी पहली महिला हेल्प डेस्क पर तैनात कर दिया।
112 मुख्यालय पर तैनात हैं
वर्तमान में अनीता यूपी पुलिस के 112 मुख्यालय पर तैनात है। मिशन शक्ति की पोस्टर गर्ल बनने की शुरुआत कोरोना काल से पहले हुई। फरवरी महीने में प्रदेशभर की महिला कॉन्स्टेबल की तस्वीरें मंगाई गईं। लखनऊ पुलिस लाइन में महिला कॉन्स्टेबल को इसके लिए चुना किया गया और तब मिशन शक्ति में उत्तर प्रदेश पुलिस का प्रतिनिधित्व करने के लिए अनीता को चुना गया। अब अनीता बेहद खुश हैं कि आज वह उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण का चेहरा बन गईं।