Highlights - अकेले लखनऊ का सालाना मोबाइल कारोबार 80 करोड़ रुपए - उत्तर प्रदेश की राजधानी में छोटे-बड़े करीब 450 मोबाइल शोरूम - मोबाइल और चार्जर समेत अन्य उत्पादों पर कस्टम ड्यूटी 2.5 फीसदी बढ़ाने से कारोबारी निराश
पत्रिका न्यूूज नेटवर्क
लखनऊ. केंद्र सरकार कोरोना महामारी के बीच बजट-2021 (Budget 2021) पेश कर चुकी है। इस बजट में जहां केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने कई वर्गों को राहत दी है तो कई वर्ग इससे बेहद निराश हैं। कोरोना काल में लॉकडाउन (Lockdown) की मार झेल चुके मोबाइल कारोबारियों (Mobile Businessmen) ने इस बजट को बेहद निराशाजनक करार दिया है। उन्हें उम्मीद थी कि कोरोना महामारी को देखते हुए इस बजट में मोबाइल (Mobile), चार्जर (Charger) समेत अन्य उत्पादों पर राहत मिलेगी। जीएसटी (GST) को 18 फीसदी से घटाकर 12 फीसदी किया जाएगा, लेकिन सरकार ने इसके उलट मोबाइल और चार्जर समेत अन्य उत्पादों पर कस्टम ड्यूटी (Custom Duty) को 2.5 फीसदी बढ़ा दिया है। व्यापारियों का कहना है कि इससे मोबाइल के दाम 1200 रुपए तक बढ़ जाएंगे।
यहां बता दें कि अकेले लखनऊ का सालाना मोबाइल कारोबार 80 करोड़ रुपए है। प्रदेश की राजधानी में छोटे-बड़े करीब 450 मोबाइल शोरूम हैं। उत्तर प्रदेश मोबाइल एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रतन कुमार ने बताया कि जिस तरह से कस्टम ड्यूटी बढ़ाई गई है, उससे निश्चित रूप से मोबाइल और चार्जर की कीमतों में इजाफा होगा। इससे पहले से ही कोरोना की मार झेल रहे कारोबार में और कमी आएगी।
मोबाइल की बिक्री पर भी पड़ेगा खासा असर
वहीं, लखनऊ मोबाइल एसोसिएशन अध्यक्ष नीरज जौहर का कहना है कि कस्टम ड्यूटी बढ़ने से मोबाइल महंगे हो जाएंगे। इससे मोबाइल की बिक्री पर खासा असर आने वाले दिनों में देखने को मिलेगा। उन्होंने बताया कि मार्च 2020 तक मोबाइल पर जीएसटी 12 फीसदी ही थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 18 फीसदी कर दिया गया।
पहले कोई कस्टम ड्यूटी का प्रावधान नहीं था
मोबाइल कारोबारी संजय चावला ने बताया कि मोबाइल बनाने के लिए प्रिंटेड सर्किट बोर्ड असेंबली, कैमरा मॉडयूल और कनेक्टर पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी 2.5 फीसदी कर दी गई है। जबकि इससे पहले कोई कस्टम ड्यूटी का प्रावधान नहीं था। वहीं मोबाइल कारोबारी अमित ने बताया कि मोबाइल चार्जर के कुछ इनपुट और पार्टस पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी को 10 फीसदी तक बढ़ा दिया गया है।