समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव की मुसीबतें बढ़ गई है।
लखनऊ. समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव को आईपीएस अमिताभ ठाकुर को धमकाने के मामले में कोर्ट द्वारा निर्देश दिए गए हैं। कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए आदेश दिया है कि 20 दिनों के अंदर मुलायम सिंह यादव की आवाज का नमूना लिया जाए। इसी के साथ कोर्ट ने सपा संरक्षक से भी कार्रवाही में सहयोग करने के लिए कहा है।
..नहीं तो मानी जाएगी मुलायम की आवाज-
कोर्ट में आवाज का नमूना देने के मामले में आख्या प्रस्तुत की गई जिसपर कोर्ट ने विवेचक को 20 दिन के भीतर आवाज का नमूना लेने का आदेश दिया। इसी के साथ कोर्ट ने मुलायम सिंह योदव को भी इस प्रक्रिया में पूर्ण सहयोग देने के लिए निर्देशित किया है। वहीं कोर्ट ने कहा है कि अगर मुलायम सिंह अपनी आवाज का नमूना देने में सहयोग नहीं करते हैं या वे असमर्थ होते हैं, तो यह मान लिया जाएगा कि प्रश्नगत आवाज उन्हीं की है।
कोर्ट में कहा गया यह-
इससे पहले आज गुरुवार को बाज़ारखाला सीओ अनिल कुमार यादव सीजेएम लखनऊ आनंद प्रकाश सिंह की कोर्ट में उपस्थित हुए और उन्होंने मुलायम सिंह यादव की आवाज का नमूना लेने के मामले में शीघ्र अनुपालन करने के संबंध में आख्या प्रस्तुत की थी।
आवाज का नमूना लेने के लिए बनाई गई थी टीम-
आपको बता दें कि मुलायम सिंह यादव पर IPS अमिताभ ठाकुर को धमकाने का आरोप लगा था। यह धमकी 10 जुलाई, 2015 को अमिताभ के मोबाइल पर दी गई थी। इस मामले में मुलायम सिंह की आवाज का नमूना अभी तक नहीं लिया जा सका है। एसएसपी लखनऊ दीपक कुमार ने 14 फ़रवरी 2018 को सीओ बाज़ारखाला के नेतृत्व में एक विशेष अन्वेषण टीम का गठन किया था लेकिन, आवाज़ का नमूना उस टीम द्वारा नहीं लिया जा सका।
पहले भी कोर्ट ने दिए थे आदेश-
इस मामले में कोर्ट ने 20 अगस्त 2016 को विवेचक को मुलायम की आवाज़ का नमूना ले कर यह पता करने के आदेश दिए थे कि अमिताभ को धमकी देने वाले की आवाज क्या मुलायम सिंह यादव की ही थी। पूर्व विवेचक अभय मिश्रा ने सीजेएम कोर्ट को भेजी आख्या में कहा था कि उन्होंने और उनके पूर्वाधिकारी ने कई बार मुलायम सिंह के लखनऊ तथा दिल्ली आवास पर आवाज़ का नमूना देने के सिलसिले में नोटिस भेजा पर उनके आवास पर किसी ने इसे प्राप्त नहीं किया।