लखनऊ

नगर निकाय चुनाव के बाद अब शपथ ग्रहण और पहली बैठक को भव्य बनाने की तैयारी

नगर निकाय चुनाव खत्म हो जाने के बाद अब नगर निकाय सदनों के शपथ ग्रहण और सदन की पहली बैठक की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।

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Dec 02, 2017

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में नगर निकाय चुनाव खत्म हो जाने के बाद अब नगर निकाय सदनों के शपथ ग्रहण और सदन की पहली बैठक की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। फिलहाल सभी निकायों को शासन के निर्देश का इन्तजार है। चुनाव आयोग ने नतीजे शासन को भेज दिए हैं। अब शासन स्तर पर निकायों के शपथ ग्रहण कार्यक्रम की रूपरेखा तय होगी। शासन द्वारा निकायों को पत्र लिखकर निर्धारित समय के भीतर शपथ ग्रहण करने और बैठक करने जारी करेंगे। निर्वाचन प्रक्रिया खत्म होने के बाद आमतौर पर पंद्रह दिनों के भीतर शपथ ग्रहण और बैठक कार्यक्रम निर्धारित किया जाता है। उत्तर प्रदेश में नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के शपथ ग्रहण कार्यक्रम तय करने को लेकर सबसे अधिक उत्साह पहली बार निर्वाचित हुए प्रतिनिधियों में हैं।

नई पार्टियों ने पहली बार की है एंट्री

उत्तर प्रदेश में कुल सोलह नगर निगमों में से जहां 14 के महापौर पदों पर भाजपा को जीत मिली है तो 2 पर बसपा को जीत मिली है। इस चुनाव में विभिन्न निकायों में वार्डों में पहली बार आम आदमी पार्टी और एआईएमआईएम तक ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। ऐसी पार्टियां भी सदनों में अपनी उपस्थिति को लेकर बेहद उत्साहित हैं। जहां भाजपा उत्तर प्रदेश में मिले उत्साहजनक नतीजों के बाद शपथ ग्रहण कार्यक्रम को एक भव्य आयोजन का रूप देने की तैयारी कर रही है तो बहुजन समाज पार्टी भी पहली बार दो नगर निगमों के महापौर पदों पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के बाद काफी उत्साहित नजर आ रही है। लखनऊ नगर निगम जहां केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के संसदीय क्षेत्र का हिस्सा होने के कारण विशेष महत्व रखता है तो दूसरी ओर झांसी नगर निगम केंद्रीय मंत्री उमा भारती के संसदीय क्षेत्र का हिस्सा है।

शपथ ग्रहण के बाद होगी बैठक

नगर निगम लखनऊ के पार्षद मुकेश बताते हैं कि पूर्व में नगर निकायों के शपथ ग्रहण कार्यक्रम को ही पहली बैठक माना जाता था लेकिन कोर्ट ने अपने आदेश में शपथ ग्रहण कार्यक्रम और बैठक का आयोजन अलग-अलग करने को कहा। इस आदेश के बाद शपथ ग्रहण और बैठक कार्यक्रम अलग-अलग आयोजित किये जाते हैं। शासन निर्धारित समय के भीतर शपथ ग्रहण कार्यक्रम निर्धारित करने को कहता है। इसके बाद शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। शपथ ग्रहण के बाद महापौर पहली बैठक की तिथि की घोषणा करते हैं और पहली बैठक बुलाई जाती है।

नगर पालिकाओं और पंचायतों पर भी चल रही तैयारी

नगर निगमों के साथ ही नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के भी शपथ ग्रहण के कार्यक्रम तय होने हैं। उत्तर प्रदेश के 198 नगर पालिका अध्यक्ष पदों में से 70 भाजपा के खाते में गई हैं जबकि अन्य कांग्रेस, सपा व बसपा को मिले हैं। इसके साथ ही नगर पालिका के 5261 सदस्य पदों में से 921 भाजपा को मिले हैं। प्रदेश में कुल 438 नगर पंचायतों के अध्यक्षों में से 100 सीटें भाजपा को मिली है। नगर पंचायत सदस्य की की 5434 सीटों में से भाजपा को 666 सीटें मिली हैं। नगर निगमों के साथ ही नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों पर भी शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजन को लेकर तैयारी शुरू हो गई है। नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में पार्टियों से अधिक निर्दलीयों ने अपना दबदबा कायम किया है।

Published on:
02 Dec 2017 04:03 pm
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