लखनऊ

राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन करते ही नीरज शेखर का बड़ा बयान, और नेताओं के भाजपा में शामिल होने पर कहा यह

समाजवादी पार्टी से भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए पूर्व राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने बुधवार को राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया।

2 min read
Aug 14, 2019
Neeraj Shekhar

लखनऊ. समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) से भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Janta Party) में शामिल हुए पूर्व राज्यसभा सांसद (Rajya Sabha MP) नीरज शेखर (Neeraj Shekhar) ने बुधवार को राज्यसभा चुनाव (Rajya Sabha election) के लिए नामांकन दाखिल किया। राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन के दौरान उनके साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह (Swatantra Dev Singh), सीएम योगी (CM Yogi), डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा (Dinesh Sharma), केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya), सुरेश खन्ना (Suresh Khanna) समेत कई दिग्गज नेता शामिल हुए। नामांकन प्रक्रिया पूरा करने के बाद नीरज शेखर ने ऐसा बयान दे दिया जिससे समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) में हड़कंप मचना लाजमी है।

आपको बाद के नीरज शेखर की इस्तीफे के बाद अब समाजवादी पार्टी से राज्यसभा सांसद रहे संजय सेठ (Sanjay Seth) और सुरेंद्र सिंह नागर (Surendra Singh Nagar) ने भी पार्टी छोड़ भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया था। दोनों का ही राज्यसभा में कार्यकाल चार जुलाई 2022 तक था। इसके बाद से ही यह चर्चा जोरों पर है कि सपा के कुछ और नेता भी भाजपा में शामिल हो सकते हैं। समाजवादी पार्टी से नेताओं का मोहभंग होना पार्टी के लिए चिंता का सबब बना हुआ है। और बुधवार को नीरज शेखर के बयान ने पार्टी के अध्यक्ष की चिंता और बढ़ा दी है। उन्होंने साफ कहा है कि भाजपा में कई लोग शामिल होने जा रहे हैं।

नीरज शेखर ने दिया बड़ा बयान-

नामांकन प्रक्रिया के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने सपा पर हमला करते हुए कहा कि चुनाव में हार और हार लगी रहती है, लेकिन समाजवादी पार्टी में सम्मान नहीं मिल रहा था, जिस कारण मुझे इस्तीफा देना पड़ा। उन्होंने आगे बताया कि भाजपा ने सम्मान दिया है इसलिए मैं इस पार्टी से जुड़ा हूं। नीरज शेखर ने कहा कि समाजवादी पार्टी के नेतृत्व ने कभी भी मुझसे बात ही नहीं की। देश में एक ही पार्टी (बीजेपी) है जो राष्ट्र के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सपा के साथ-साथ कई और पार्टियों से निराश लोग भी भाजपा में आएंगे। वहीं अब अखिलेश यादव के सामने पार्टी से छिटकते वोट बैंक को संजोने के साथ-साथ अपनों को दूर जाने से रोकने की कड़ी चुनौती है।

Published on:
14 Aug 2019 06:50 pm
Also Read
View All