अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे दबाव व सरकारी खजाने में कटौती को देखते हुए अब सरकार कैलेंडर, डायरी, शेड्यूलर और कॉफी टेबल बुक जैसी अन्य सामग्रियों पर खर्चा नहीं करेगी।
लखनऊ. अर्थव्यवस्था (Economy) पर पड़ रहे दबाव व सरकारी खजाने में कटौती को देखते हुए अब सरकार कैलेंडर, डायरी, शेड्यूलर और कॉफी टेबल बुक जैसी अन्य सामग्रियों पर खर्चा नहीं करेगी। यह सागम्रियां इस साल से नहीं बनेगी बल्कि इनका डिजिटिकरण होगा। मतलब अब इस तरह की सामग्री को डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। केंद्र सरकार की ओर से इसको लेकर आदेश जारी किया गया है। ऐसे में यूपी सरकार भी इसे अमल में लाएगी।
केंद्र सरकार ने सभी विभाग में छपने वाले सरकारी डायरी, कैलेंडर समेत सभी तरह के ग्रीटिंग्स पर रोक लगा दी है। वित्त मंत्रालय ने इस तरह की सामग्री को डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने का फैसला किया है। सरकार ने जारी आदेश में कहा है कि दुनिया तेजी से डिजिटल तरीके को अपना रही है और भारत सरकार ने भी इस तरह के बेस्ट प्रैक्टिस को अपनाने का फैसला किया है।
गौरतलब है कि कोरोना के दौर में सरकार की आमदनी पर काफी बुरा असर पड़ा है। केंद्र सरकार के राजस्व में भी बड़ी भूमिका निभाने वाले जीएसटी कलेक्शन में भी लगातार कमी आ रही है। इस तरह की हालत में केंद्र सरकार अपने खर्च में कटौती करने में जुटी है। इसके को देखते हुए कहा जा रहा है कि मंत्रालय के इस कदम का उद्देश्य डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देना है। सरकार ने यह फैसला लिया है कि कैलेंडर, डायरी, शेड्यूलर और कॉफी टेबल बुक जैसी अन्य सामग्री डिजिटल तरीके से तैयार की जाएगी। इसी वजह से वित्त मंत्रालय ने सभी मंत्रालय, सरकारी विभाग को निर्देश दिया है कि डायरी, ग्रीटिंग कार्ड, कॉफी टेबल बुक, कैलेंडर को डिजिटल स्वरूप में तैयार करें।