लखनऊ

UP Cabinet: सीएम योगी को सौंपा गया नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का लाइसेंस, जल्द शुरू होंगी फ्लाइट्स

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एयरोड्रम लाइसेंस मिल गया है। एयरपोर्ट अधिकारियों ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लाइसेंस सौंपा। सुरक्षा मंजूरी के बाद जल्द उद्घाटन और वाणिज्यिक उड़ानों की शुरुआत होगी।

4 min read
Mar 10, 2026
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मिला एयरोड्रम लाइसेंस, सीएम योगी को सौंपा गया दस्तावेज (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

UP Cabinet Meeting: उत्तर प्रदेश के बहुप्रतीक्षित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रगति सामने आई है। मंगलवार को एयरपोर्ट प्रबंधन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर भारत सरकार की ओर से जारी एयरोड्रम लाइसेंस उन्हें प्रस्तुत किया। इस लाइसेंस के मिलने के साथ ही जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन की दिशा में एक बड़ा चरण पूरा हो गया है।

मुख्यमंत्री से हुई इस मुलाकात के दौरान एयरपोर्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) क्रिस्टोफ श्नेलमैन और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने परियोजना की वर्तमान स्थिति तथा आगे की योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी दी। अधिकारियों के अनुसार एयरोड्रम लाइसेंस मिलने के बाद अब एयरपोर्ट के उद्घाटन और वाणिज्यिक उड़ानों की शुरुआत की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री से मुलाकात में दी गई परियोजना की जानकारी

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के दौरान एयरपोर्ट के निर्माण, तकनीकी सुविधाओं, संचालन व्यवस्था और भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी।मुख्यमंत्री को बताया गया कि एयरपोर्ट का निर्माण कार्य तेजी से अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। आवश्यक बुनियादी ढांचा तैयार किया जा चुका है और अब नियामकीय स्वीकृतियों की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

सीएम योगी ने इस अवसर पर परियोजना से जुड़े अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि यह एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और राज्य को वैश्विक निवेश और पर्यटन के नए अवसर प्रदान करेगा।

सुरक्षा मंजूरी के बाद तय होगी उद्घाटन की तिथि

अधिकारियों ने बताया कि एयरोड्रम लाइसेंस मिलने के बाद अब अंतिम चरण की कुछ और स्वीकृतियां शेष हैं। वर्तमान में एयरपोर्ट का एयरोड्रम सिक्योरिटी प्रोग्राम ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) के पास समीक्षा के लिए लंबित है। जैसे ही यह सुरक्षा मंजूरी मिलती है, एयरपोर्ट प्रबंधन सभी संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर औपचारिक उद्घाटन और वाणिज्यिक उड़ानों की शुरुआत की तिथि तय करेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह प्रक्रिया तय समय के अनुसार पूरी हो जाती है तो जल्द ही यहां से नियमित उड़ान सेवाएं शुरू हो सकती हैं।

जेवर में बन रहा विश्वस्तरीय ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट

गौतमबुद्ध नगर जिले के जेवर क्षेत्र में विकसित हो रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट्स में से एक है। इस एयरपोर्ट का उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में हवाई यातायात का दबाव कम करना और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को वैश्विक स्तर पर बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करना है। परियोजना को विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ विकसित किया जा रहा है, जहां आधुनिक तकनीक और यात्री सुविधा को प्राथमिकता दी गई है।

चार चरणों में विकसित हो रहा एयरपोर्ट

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का विकास चार चरणों में किया जा रहा है।

  • पहला चरण:पहले चरण में एक रनवे और आधुनिक यात्री टर्मिनल भवन का निर्माण किया गया है। इस चरण में एयरपोर्ट की क्षमता प्रतिवर्ष लगभग 1 करोड़ 20 लाख यात्रियों की होगी।
  • दूसरा चरण:दूसरे चरण में विस्तार के बाद एयरपोर्ट की क्षमता बढ़ाकर लगभग 3 करोड़ यात्रियों प्रति वर्ष तक पहुंचाई जाएगी।
  • तीसरा और चौथा चरण:अंतिम चरणों में विस्तार के बाद एयरपोर्ट की कुल क्षमता 7 करोड़ यात्रियों प्रतिवर्ष तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। यह क्षमता इसे देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल कर सकती है।

अत्याधुनिक टर्मिनल भवन

पहले चरण में निर्मित टर्मिनल भवन का क्षेत्रफल लगभग 1.38 लाख वर्ग मीटर है। इसमें यात्रियों की सुविधा के लिए आधुनिक व्यवस्थाएं विकसित की गई हैं।

टर्मिनल में-

  • 48 चेक-इन काउंटर
  • 9 सुरक्षा जांच लेन
  • 9 इमिग्रेशन काउंटर
  • स्थापित किए गए हैं।

इसके अलावा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए आधुनिक लाउंज की भी व्यवस्था की जा रही है, ताकि यात्रियों को आरामदायक यात्रा अनुभव मिल सके।

विमान संचालन की आधुनिक व्यवस्था

एयरपोर्ट परिसर में विमान संचालन के लिए भी अत्याधुनिक व्यवस्था विकसित की गई है। यहां 10 एयरोब्रिज बनाए गए हैं, जिससे यात्रियों को विमान तक पहुंचने में सुविधा होगी। इसके अलावा 28 विमान पार्किंग स्टैंड तैयार किए गए हैं, जहां एक साथ कई विमानों को खड़ा किया जा सकेगा। रनवे को इस तरह विकसित किया गया है कि यहां से प्रति घंटे लगभग 30 उड़ानों का संचालन किया जा सके।

कार्गो और लॉजिस्टिक्स हब भी तैयार

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट केवल यात्री सेवाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण कार्गो और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। प्रारंभिक चरण में यहां 2.5 लाख टन प्रतिवर्ष कार्गो क्षमता विकसित की जा रही है। भविष्य में इसे बढ़ाकर 15 लाख टन कार्गो प्रतिवर्ष तक ले जाने की योजना है। इससे निर्यात और आयात कारोबार को भी बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

आधुनिक डिजिटल सुविधाएं

एयरपोर्ट को तकनीकी रूप से भी अत्याधुनिक बनाया जा रहा है। यात्रियों को तेज और सहज यात्रा अनुभव देने के लिए कई डिजिटल सुविधाएं लागू की जा रही हैं।

इनमें प्रमुख हैं-

  • डिजी यात्रा आधारित बायोमेट्रिक प्रणाली
  • सेल्फ बैगेज ड्रॉप सुविधा
  • डिजिटल पैसेंजर प्रोसेसिंग सिस्टम
  • इन सुविधाओं के माध्यम से यात्रियों को कम समय में सुरक्षा जांच और अन्य प्रक्रियाएं पूरी करने में मदद मिलेगी।

पर्यावरण के प्रति संवेदनशील परियोजना

  • नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को नेट-जीरो उत्सर्जन के लक्ष्य के साथ विकसित किया जा रहा है।
  • परियोजना में पर्यावरण संरक्षण को विशेष महत्व दिया गया है।

एयरपोर्ट परिसर में-

  • सौर ऊर्जा संयंत्रवर्षा जल संचयन प्रणाली
  • इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन
  • जैसी व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं।
  • इससे यह एयरपोर्ट देश के सबसे पर्यावरण अनुकूल एयरपोर्ट्स में शामिल हो सकता है।

रोजगार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा

विशेषज्ञों का मानना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। एयरपोर्ट के आसपास औद्योगिक, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन क्षेत्रों में निवेश बढ़ने की संभावना है। इसके साथ ही हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर भी मिल सकते हैं।

दिल्ली-एनसीआर को मिलेगा नया हवाई विकल्प

वर्तमान में दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट क्षेत्र के हवाई यातायात का मुख्य केंद्र है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट शुरू होने के बाद दिल्ली-एनसीआर में यात्रियों के लिए एक और बड़ा विकल्प उपलब्ध होगा, जिससे हवाई यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है।

उत्तर प्रदेश के विकास की नई उड़ान

राज्य सरकार का मानना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे को नई दिशा देगा। यह एयरपोर्ट केवल एक परिवहन सुविधा नहीं बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था, निवेश और वैश्विक कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाला बड़ा प्रोजेक्ट माना जा रहा है। एयरोड्रम लाइसेंस मिलने के बाद अब इस महत्वाकांक्षी परियोजना के जल्द शुरू होने की उम्मीद और भी मजबूत हो गई है। आने वाले समय में यह एयरपोर्ट उत्तर भारत के प्रमुख एविएशन हब के रूप में उभर सकता है।

Also Read
View All

अगली खबर