
UP सरकार के 'प्रोजेक्ट प्रवीण' से 36,103 युवाओं को मिलेगा कौशल प्रशिक्षण (फोटो- पत्रिका)
Yogi Government Project Praveen to Skill: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर और रोजगारपरक शिक्षा से जोड़ने के लिए लगातार नई पहल कर रही है। इसी क्रम में प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'प्रोजेक्ट प्रवीण' एक बार फिर चर्चा में है।
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना के तहत 36,103 युवाओं को अल्पकालीन कौशल प्रशिक्षण (एसटीटी) देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस पहल का उद्देश्य प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार के लिए तैयार करना है।
प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा है कि प्रदेश का कोई भी युवा कौशल और रोजगार के अवसरों से वंचित न रहे। सरकार का लक्ष्य युवाओं को केवल डिग्रीधारी बनाना नहीं, बल्कि उन्हें ऐसा हुनरमंद बनाना है, जो बदलते समय की जरूरतों के अनुसार रोजगार प्राप्त कर सके या स्वयं रोजगार सृजित कर सके।
राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि आज के समय में केवल शैक्षणिक डिग्री पर्याप्त नहीं है। रोजगार के क्षेत्र में सफलता पाने के लिए तकनीकी और व्यावसायिक कौशल भी आवश्यक हो गया है। इसी सोच को ध्यान में रखते हुए 'प्रोजेक्ट प्रवीण' के माध्यम से माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह योजना युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने का एक प्रभावी माध्यम बनेगी। इससे विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकेंगे।
प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत इस वर्ष युवाओं को विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी-आईटीईएस), हेल्थकेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स, अपैरल, ब्यूटी एंड वेलनेस, मैनेजमेंट, ग्रीन जॉब्स और एग्रीकल्चर जैसे प्रमुख सेक्टर शामिल हैं। सरकार का मानना है कि ये ऐसे क्षेत्र हैं, जिनमें वर्तमान समय में रोजगार की व्यापक संभावनाएं हैं। इन क्षेत्रों में प्रशिक्षित युवा न केवल निजी क्षेत्र में नौकरी प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि स्वरोजगार की दिशा में भी आगे बढ़ सकते हैं।
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेशभर में कुल 36,103 प्रशिक्षणार्थियों को कौशल प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह लक्ष्य प्रदेश के विभिन्न जनपदों के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में लागू किया जाएगा।
योजना के अंतर्गत आगरा, बरेली, आजमगढ़, ललितपुर, वाराणसी, रामपुर, शाहजहांपुर, जालौन, सोनभद्र समेत अनेक जिलों के विद्यालयों को शामिल किया गया है। इन विद्यालयों में सूचीबद्ध प्रशिक्षण प्रदाताओं (टीपी) के माध्यम से प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।
प्रशिक्षण की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सरकार ने प्रत्येक बैच में अधिकतम 35 प्रशिक्षणार्थियों की सीमा निर्धारित की है। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक छात्र को पर्याप्त व्यावहारिक और प्रयोगात्मक प्रशिक्षण मिल सके। कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि सीमित संख्या में विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देने से प्रशिक्षकों को प्रत्येक छात्र पर विशेष ध्यान देने का अवसर मिलेगा। इससे विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता और कौशल दोनों में वृद्धि होगी।
प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत संचालित किए जाने वाले पाठ्यक्रम की अधिकतम अवधि 300 घंटे निर्धारित की गई है। इस दौरान विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। सरकार का प्रयास है कि प्रशिक्षण केवल प्रमाण पत्र तक सीमित न रहे, बल्कि विद्यार्थियों को वास्तविक कार्य परिस्थितियों के अनुरूप तैयार किया जाए, ताकि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद वे सीधे रोजगार की दुनिया में कदम रख सकें।
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के निदेशक पुलकित खरे द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार सभी प्रशिक्षण प्रदाताओं को निर्धारित समय-सीमा का सख्ती से पालन करना होगा। उन्हें केंद्र स्थापना, पंजीकरण और बैच निर्माण की प्रक्रिया पूरी कर हर हाल में 15 जुलाई 2026 से कक्षाओं का संचालन शुरू करना होगा। इसके साथ ही बैच शुरू होने के सात कार्य दिवस के भीतर सभी छात्र-छात्राओं को पाठ्य सामग्री उपलब्ध करानी होगी और उसकी तस्वीरें मिशन पोर्टल पर अपलोड करनी होंगी।
मिशन ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि कोई प्रशिक्षण प्रदाता निर्धारित समय में कार्य शुरू नहीं करता या जनपद स्तर से उसके खिलाफ किसी प्रकार की शिकायत प्राप्त होती है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। सरकार इस योजना के संचालन में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह गंभीर है। यही कारण है कि प्रशिक्षण प्रदाताओं के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश और जवाबदेही तय की गई है।
Updated on:
27 Jun 2026 05:02 pm
Published on:
27 Jun 2026 05:02 pm
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