Presidential Election in India देश में चल रहे राष्ट्रपति चुनाव के दौरान विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा गुरुवार को राजधानी लखनऊ में समर्थन जुटाने समाजवादी पार्टी पहुंचे। लेकिन समाजवादी पार्टी के गठबंधन करने वाले ओपी राजभर ने इस बैठक में जाने से इंकार कर दिया। जबकि शिवपाल यादव भी इस बैठक में नहीं गए। ऐसे में सवाल है कि क्या विपक्ष के राष्ट्रपति उम्मीदवार को सपा के सभी विधायक वोट करेंगे?
Presidential Candidate in Lucknow विपक्ष के राष्ट्रपति उम्मीदवार यशवंत सिन्हा के साथ पार्टी मुख्यालय पर बैठक के दौरान अखिलेश यादव ने अपने विधायकों से औपचारिक मुलाक़ात करवाई। सपा कार्यालय में विधायकों संग बैठक करते हुए उन्होने राष्ट्रपति चुनाव के लिए समर्थन मांगा। सपा कार्यालय पर बैठक के दौरान विधायक ओपी राजभर के अलावा शिवपाल यादव भी वहाँ नहीं पहुंचे।
जबकि ओपी राजभर ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि, "हमें इस मीटिंग की जानकारी नहीं दी गई थी। न ही हमें इस मीटिंग में बुलाया गया, तो हम क्यूँ जाएंगे बिना बुलाए।" ऐसे में एक बड़ा सवाल है कि विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को अब समाजवादी पार्टी के सहयोगी और उनसे जुड़े हुए विधायक वोट करेंगे?
अखिलेश यादव ने कहा 'हम उन्हें मना लेंगे, ये हमारा आंतरिक मामला
साल 2022 विधानसभा चुनाव में सपा के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ने वाले ओपी राजभर के मीटिंग में नहीं गए। इस पर अखिलेश यादव ने कहा कि हम एक हैं, वो हमारे सहयोगी हैं, हम उन्हें मना लेंगे। ये हमारा आंतरिक मामला है।
जबकि इसी मामले में ओपी राजभर ने कहा कि, सपा की ओर से हमें ऐसी किसी बैठक की जानकारी नहीं दी गई है। न ही हमें बुलाया गया था। तो हम ऐसी किसी बैठक में क्यों जाएंगे जिसमें हमें बुलाया ही न गया हो।
लखनऊ में होने बावजूद सपा विधायक शिवपाल यादव भी नहीं पहुंचे। सूत्रों की मानें तो उन्हें भी इस मीटिंग में आने के लिए बुलावा नहीं भेजा गया है।
वहीं 8 जुलाई दिन शुक्रवार को एनडीए उम्मीदवार द्रोपदी मुर्मू के भी लखनऊ में समर्थन मांगने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाक़ात कर सकती हैं।