
एआईएमआईएम चीफ ओवैसी ने कहा, ”उन्होंने (अतीक अहमद और उसके भाई पर गोली चलाने वाले) कहा कि हम मशहूर होना चाहते थे। ये मशहूर होना नहीं है, ये वो ग्रुप है जिसे हम टेरर सेल कहते हैं। हम पूछना चाहते हैं कि उन पर UAPA क्यों नहीं लगा। उन्हें 8 लाख का हथियार किसने दिया। आप याद रखो कि ये आतंकवादी हैं, ये रेडिक्लाइज हो चुके हैं। ये गोडसे के नक्शे कदमों पर चल रहे हैं।
सबने देखा कैसे मारा गया अतीक और अशरफ को
अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ को 15 अप्रैल को मीडिया से बातचीत के दौरान पत्रकारों के रूप में खुद को पेश करने वाले तीन लोगों ने काफी नजदीक से गोली मार दी थी। उस समय दोनों को पुलिसकर्मी जांच के लिए यहां एक मेडिकल कॉलेज ले जा रही थी।
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8 लाख रुपये के हथियार
ओवैसी ने हत्यारों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले महंगे हथियारों के स्रोत पर भी सवाल उठाया है। एआईएमआईएम सांसद ने कहा, “शूटर्स ने इस्तेमाल किए गए प्रत्येक हथियार की कीमत 8 लाख रुपये थी। उन्हें पैसे कैसे मिले। ये हत्यारे प्रशिक्षित हैं, एक आतंकी सेल का हिस्सा हैं।
ओवैसी : मेरी गाड़ी पर चली गोलियां
ओवैसी ने पिछले साल अपने वाहन पर हुए हमले को याद करते हुए कहा, “जब मुझ पर गोलियां चलाई गईं, तो ‘जय श्री राम’ के समान नारे लगाए गए।”
ओवैसी बोले अपराधियों को बारात में लाए है
उन्होंने यूपी पुलिस की भी आलोचना करते हुए कहा कि अधिकारियों ने उन शूटरों पर एक भी गोली नहीं चलाई, जिन्होंने हिरासत में अतीक और उसके भाई अशरफ को मार डाला था। ओवैसी ने कहा, ”हमारे देश में, जो हथकड़ी में हैं, जो पुलिस हिरासत में हैं, वे मारे जा रहे हैं। जब गोलियां चलीं, तो उनके आसपास के पुलिस कर्मियों ने एक गोली भी नहीं चलाई। ऐसा लग रहा था कि वे (पुलिस) बारात (शादी की बारात) में आए हैं।
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