PAC Promotion Order: उत्तर प्रदेश पुलिस की प्रांतीय आर्म्ड कांस्टेबुलरी (पीएसी) में लंबे समय से प्रतीक्षित प्रमोशन आखिरकार मिल गया। पीएसी मुख्यालय ने 120 उप निरीक्षकों को दलनायक (इंस्पेक्टर) के पद पर पदोन्नत करने का आदेश जारी किया है। इस निर्णय से पुलिस महकमे में उत्साह और मनोबल में इज़ाफ़ा हुआ है।
PAC Promotion: उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल विंग प्रांतीय आर्म्ड कांस्टेबुलरी (पीएसी) में लंबे समय से प्रतीक्षित प्रमोशन की सौगात आखिरकार मिल गई है। पीएसी मुख्यालय ने 120 उप निरीक्षकों (दरोगा) के प्रमोशन का आदेश जारी कर दिया है। इन सभी को दलनायक (इंस्पेक्टर) के पद पर प्रोन्नत किया गया है। इस फैसले से न केवल प्रमोशन का इंतज़ार कर रहे अधिकारियों के चेहरों पर खुशी झलक रही है, बल्कि पीएसी की कार्यक्षमता और मनोबल में भी इज़ाफ़ा होगा।
पीएसी में उप निरीक्षकों को इंस्पेक्टर के पद पर पदोन्नति की मांग लंबे समय से उठ रही थी। कई अधिकारियों ने सेवा के 20 से 25 वर्ष तक पूरे कर लिए थे, लेकिन पदोन्नति के अवसर सीमित होने के कारण वे प्रमोशन से वंचित रह जाते थे। अब मुख्यालय द्वारा 120 नामों की सूची जारी होने से इस इंतजार को विराम मिला है। सूत्रों के मुताबिक, यह सूची पूरी तरह से वरिष्ठता और विभागीय नियमों के अनुसार तैयार की गई है। चयन प्रक्रिया में सेवा रिकॉर्ड, वरिष्ठता और कार्य प्रदर्शन को प्रमुख आधार बनाया गया।
दलनायक यानी इंस्पेक्टर का पद पीएसी में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। दलनायक न केवल एक बटालियन की कंपनी का नेतृत्व करता है, बल्कि मौके पर निर्णय लेने, सुरक्षा और व्यवस्था संभालने में उसकी भूमिका सबसे अहम होती है। प्रमोशन के बाद इन अधिकारियों की जिम्मेदारियां और बढ़ जाएंगी। उन्हें प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ फील्ड में पुलिसिंग और कानून-व्यवस्था को बनाए रखने में भी अधिक सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
प्रमोशन आदेश जारी होते ही पीएसी उप निरीक्षकों में खुशी की लहर दौड़ गई। कई अधिकारियों ने इसे “त्योहार से पहले का तोहफ़ा” बताया। उनका कहना है कि इस प्रमोशन से न केवल आर्थिक स्थिति बेहतर होगी, बल्कि काम करने का उत्साह भी दोगुना होगा। कुछ अधिकारियों ने बताया कि वर्षों की मेहनत और सेवा का सही प्रतिफल अब मिला है। इससे बाकी जवानों और अधिकारियों को भी बेहतर काम करने की प्रेरणा मिलेगी।
पिछले कुछ समय से पुलिस महकमे में प्रमोशन और तैनाती से जुड़ी कई मांगें सामने आ रही थीं। ऐसे में 120 उप निरीक्षकों का इंस्पेक्टर बनना पूरे विभाग के लिए सकारात्मक संदेश लेकर आया है। वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि प्रमोशन न मिलने से कर्मचारियों का मनोबल टूटता है, जबकि समय पर प्रोन्नति मिलने से कार्य के प्रति निष्ठा और समर्पण बढ़ता है।
उत्तर प्रदेश में पीएसी को पुलिस का मजबूत स्तंभ माना जाता है। दंगे, प्राकृतिक आपदा, धार्मिक आयोजनों और बड़े कार्यक्रमों में पीएसी की तैनाती की जाती है। पीएसी के जवान अपनी अनुशासन और फुर्तीली कार्यशैली के लिए मशहूर हैं।
दलनायक स्तर के अधिकारी फील्ड में जाकर न सिर्फ जवानों का नेतृत्व करते हैं, बल्कि हर चुनौतीपूर्ण स्थिति से निपटने में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में 120 नए इंस्पेक्टरों की नियुक्ति से पीएसी की कार्यकुशलता और भी बेहतर होगी।
प्रमोशन आदेश जारी होने के बाद अब इन अधिकारियों की नई तैनाती तय की जाएगी। सूत्रों का कहना है कि जल्द ही इन दलनायकों को विभिन्न बटालियनों और यूनिट्स में जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इसके लिए मुख्यालय स्तर पर चर्चा चल रही है। नई तैनाती में अधिकारियों के अनुभव, क्षेत्रीय जरूरत और प्रशासनिक प्राथमिकताओं को ध्यान में रखा जाएगा।
प्रमोशन का असर सिर्फ अधिकारियों तक ही सीमित नहीं रहा। उनके परिवारों में भी खुशी का माहौल है। कई परिवारों ने इसे अपने जीवन की बड़ी उपलब्धि बताया है। प्रमोशन से वेतनमान में बढ़ोतरी होगी, जिससे आर्थिक स्थिति बेहतर होगी और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, गृह निर्माण जैसी जिम्मेदारियां और आसानी से पूरी होंगी।
योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपने कार्यकाल में पुलिस महकमे को मजबूत बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। नई भर्ती से लेकर प्रमोशन और सुविधाओं तक सरकार लगातार सुधार कर रही है। पिछले कुछ वर्षों में हजारों नए पुलिसकर्मी भर्ती हुए हैं। वहीं, तकनीकी उपकरणों से लेकर आधुनिक वाहनों तक पीएसी को बेहतर संसाधन भी दिए गए हैं। 120 उप निरीक्षकों का इंस्पेक्टर बनना इसी कड़ी का हिस्सा है।