अंबेडकर नगर के जिला प्रशासन ने की कार्रवाई।
लखनऊ. आशीष पांडे के पिस्टल का लाइसेंस रद्द कर दिया गया। एसपी अंबेडकर नगर ने सस्त्र लाइसेंस निरित्रकरण की जानकारी की रिपोर्ट जिला अधिकारी को भेज दी है। डीएम सुरेश कुमार ने कहा कि इस मामले में मुझे रिपोर्ट दी गई है। जांच पड़ताल के आधार पर आशीष पांडे के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आम्र्स एक्ट में कुछ प्रावधान होते हैं उसके अनुसार ही कार्रवाई की जाएगी।
वहीं उनके भाई व अंबेडकरनगर के जलालपुर से बसपा विधायक रितेश पांडेय ने सोशल मीडिया पर एक पत्र पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि हमरा परिवार जांच में पूरा सहयोग करेगा।
लाइसेंस अंबेडकरनगर से बना था
मीडिया ने इस मामले को तोड़ मरोड़ कर पेश किया है। उन्होंने इशारा किया कि जल्द ही आशीष सरेंडर कर सकते हैं। दिल्ली में बंदूक लहराकर एक कपल को धमकी देने का वाडियो वायरल होते ही चर्चा में आए आशीष पांडे की तलाश में पुलिस और एसटीएफ की टीमें जुटी हैं। आशीष पांडे के पिस्टल का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। लाइसेंस अंबेडकरनगर से बना था। एडीजी ला एंड आर्डर आनंद कुमार ने कहा था कि सभी संबंधित स्थानों पर रेड डाली जा रही है। यूपी एसटीएफ भी इस मामले में आशीष पांडे को ढूंढने में हमारा सहयोग कर रही है। आशीष पांडे के नाम एक लाइसेंसी पिस्टल है, लेकिन इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि इसी पिस्टल का इस्तेमाल उस घटना में किया गया है।
आशीष भगोड़ा नहीं है
बता दें कि आशीष पांडेय अंबेडकर नगर से बसपा के पूर्व सांसद राकेश पांडेय के बेटे हैं। आशीष की लखनऊ से लेकर नेपाल बॉर्डर तक तलाश जारी है। पुलिस ने नेपाल बॉर्डर के पास उसकी लोकेशन ट्रेस की है। सूत्रों की मानें तो वह कोर्ट में सरेंडर कर सकता है। इस बीच आशीष के चाचा पूर्व विधायक पवन पाण्डेय ने अंबेडकरनगर में कहा है कि आशीष भगोड़ा नहीं है। वह अपने वकीलों से बात कर रहा है। वीडियो में दिख रही बात अगर सच है तो कानून जो भी सजा देगा वह उसे भुगतने के लिए तैयार है।
मीडिया के सामने आए चाचा
आशीष के चाचा पवन पाण्डेय ने कहा कि ये हमारे परिवार को बदनाम करने के लिए साजिश रची जा रही है। इसके पीछे कौन है, उन्होंने बताने से इन्कार कर दिया। आशीष पांडेय की तलाश में मंगलवार दोपहर बाद दिल्ली पुलिस की एक टीम ने लखनऊ पहुंचकर ताबड़तोड़ छापेमारी की। हालांकि शाम तक आशीष हाथ नहीं आया। डीजीपी ओपी सिंह ने आशीष की तलाश में एसटीएफ को भी लगा दिया है। अंबेडकरनगर में भी स्थानीय पुलिस ने आशीष के दो घरों पर दबिश दी, वहां भी वह पुलिस को नहीं मिला। आशीष के पिस्टल का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। लाइसेंस अंबेडकरनगर से बना था।
पुलिस के पहुंचने से पहले ही गायब
बता दें कि राजधानी लखनऊ में मंगलवार दोपहर लगभग दो बजे क्राइम ब्रांच व विभूति खंड थाने की पुलिस के अलावा एसटीएफ की एक टीम मकान पर पहुंची लेकिन पूर्व सांसद और बाहुबली पवन पांडेय के रसूख के चलते किसी की भी भीतर जाने की हिम्मत नहीं हुई। काफी देर तक पुलिस मकान के भीतर की गतिविधियों की टोह लेती रही पर कोई हलचल नहीं दिखी। डोर बेल बजाने पर भी भीतर से कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई तो एक पुलिसकर्मी अंदर गया। वहां पता चला कि दरवाजे भीतर से बंद हैं। यानी मकान में कोई न कोई व्यक्ति मौजूद था।
आम्र्स एक्ट का मामला दर्ज
सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो वायरल हुआ। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी आशीष पांडेय बसपा के पूर्व सांसद राकेश पांडेय का बेटा है। आशीष पर आरोप है कि वह शराब के नशे में पांच सितारा होटल के महिला टॉयलेट में घुस गया था और जब महिला ने इसका विरोध किया तो उसने उसे जान से मारने की धमकी भी दी।
कौन हैं आशीष
लखनऊ निवासी आशीष पांडे जिले के पूर्व बसपा सांसद राकेश पांडे के बड़े बेटे हैं। उनके छोटे भाई रितेश पांडेय जलालपुर विधानसभा क्षेत्र से बसपा के मौजूदा विधायक हैं। उनके मझले चाचा पवन पांडेय अकबरपुर से शिवसेना से विधायक रहे हैं और छोटे चाचा कृष्ण कुमार पांडेय कक्कू सुल्तानपुर की इसौली विधानसभा क्षेत्र से बसपा से चुनाव लड़ चुके हैं और मौजूदा समय में कांग्रेस की राजनीति में सक्रिय हैं।
पहले भी आए हैं विवादों में
ये कोई पहला मौका नहीं है जब आशीष विवादों में फंसे हों। इससे पहले 12 जुलाई 2016 को आशीष का नाम उस समय सुर्खियों में आया जब लखनऊ के गोमतीनगर में होटल रेनेसां के सामने लगभग दो सौ की स्पीड में लगभग ढाई करोड़ की मर्सिडीज को किनारे खड़ी डीसीएम से टक्कर मार दी। इस घटना में एयर बैग खुल जाने से आशीष की जान बच गई। तब आशीष के नशे में होने की बात सामने आई थी। इसके अलावा नई दिल्ली में यह दूसरा मामला है जब आशीष का नाम दूसरी बार सुर्खियों में आया है।