Prevention of Money Laundering Act imposed on Mukhtar Ansari by ED- बांदा जेल में माफिया मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मुख्तार पर प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है। ईडी की प्रयागराज यूनिट में दर्ज मुकदमे में करोड़ों की अवैध संपत्ति अर्जित करने को आधार बनाया गया है।
लखनऊ. Prevention of Money Laundering Act imposed on Mukhtar Ansari by ED. बांदा जेल में माफिया मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मुख्तार पर प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है। ईडी की प्रयागराज यूनिट में दर्ज मुकदमे में करोड़ों की अवैध संपत्ति अर्जित करने को आधार बनाया गया है। इसमें जिन तीन मुकदमों को आधार बनाया गया है उसमें से एक सरकारी जमीन पर कब्जे का मामला है। आरोप है कि इस सरकारी जमीन पर कब्जा कर मुख्तार ने सरकार से ही डेढ़ करोड़ का किराया वूसला। मामला संज्ञान में आने के बाद पिछले साल मऊ जिला प्रशासन ने करोड़ों रुपये के इस गोदाम को सीज करते हुए मुख्तार की पत्नी, बच्चों समेत पांच के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। मुख्तार के अलावा ईडी उसके बच्चों उमर और अब्बास समेत करीबी बृजनाथ यादव, संजय सागर और आनंद की संपत्तियों को लेकर भी जांच शुरू कर रही है।
विधायक निधि निकाल ली, स्कूल का निर्माण नहीं
मामला मऊ जनपद के रैनी गांव का है। करीब 10 साल पहले मुख्तार ने औने-पौने दाम में भूमिहार, यादव व अनुसुचित जाति के लोगों से करीब 15 बीघा जमीन खरीदी थी। जमीन उसने अपनी पत्नी अफ्शा अंसारी, बिजनस पार्टनर सरजील राजा उर्फ आतिफ, अनवर शहजाद (मेसर्स विकास कंसट्रक्शन) के नाम ली थी। उसने जमीनों के अगल-बगल स्थित ग्राम सभा की कई बीघा जमीन पर भी कब्जा करके दो साल में उसका आलीशान गोदाम बनवा दिया। गोदाम को उसने फूड कॉरपोरेशान ऑफ इंडिया (एफसीआई) को डेढ़ करोड़ सलाना किराये पर दे दिया। सात साल तक किराये के रूप में इस गोदाम के माध्यम से 10 करोड़ से ज्यादा रुपये वसूले गए। पिछले महीने ही गोदाम का कुछ हिस्सा सीज कर उसे पुलिस ने कुर्क कर दिया था।
जमीन के दूसरे हिस्से पर हो रही थी केले की खेती
मुख्तार पर विधायक निधि के 25 लाख रुपये के घालमेल को केस आधार बना है। आरोप है कि मुख्तार अंसारी ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रुपये निकाले। सरांय लखनसिंह मऊ के एक स्कूल में निर्माण के फर्जी दस्तावेज लगाए जबकि निर्माण कार्य हुआ ही नहीं। जिस जमीन पर स्कूल बनवाने के लिए विधायक निधि से धन निकासी की गई, उसके दूसरे हिस्से पर केले की खेती हो रही थी। शिकायत मिलने पर सीओ ने मामले की जांच की और उनकी रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन इंस्पेक्टर की ओर से मुख्तार, उसके सहयोगी ग्राम प्रधान बैजनाथ यादव समेत पांच के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई।