सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के हुए थे प्रयास, आज धीमी हो गई चाल
लखनऊ. सीएम योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री की शपथ लिए एक साल पूरे होने को है। ऐसे में सरकार द्वारा चुनाव से पहले किये गए वादों का एनालिसिज आपको बताते हैं।
योगी सरकार में अब तक 44
कानून-व्यवस्था में सुधार के लिए कई कदम उठाए गए। जोन और रेंज में वरिष्ठ अफसरों को तैनात करने की कवायद को भी इसी नजरिये से देखा गया। पुलिस को बदमाशों से निपटने की खुली छूट दी गई। एक साल में प्रदेश में पुलिस और अपराधियों के बीच 1339 मुठभेड़ हुईं, जिनमें 3140 बदमाशों को पकड़ा गया। 188 के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई की गई और गैंगस्टर एक्ट के तहत 175 अपराधियों की 147 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त की गई। कुल 44 अपराधी ढेर किये गए हैं।
सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के हुए थे प्रयास, आज धीमी हो गई चाल
सत्ता बनते ही प्रदेश को 15 जून तक गड्ढा मुक्त करने के आदेश दिए थे। शुरूआती दौर में अधिकारी चुस्त दिखे। इस कार्य को प्राथिमिकता मानते हुए प्रदेश भर में तेजी से कार्य किया गया और करीब 40 प्रतिशत सड़कों को 15 जून 2017 तक गड्ढा मुक्त किया गया। अधिकारियों का दावा है कि इससे सड़कों की उम्र 5 से बढ़कर 25 साल हो गई है। लेकिन समय के साथ अधिकारियों और अभियान की मॉनिटरिंग करने वालों की प्राथिमिकता बदल गयी। लोक निर्माण विभाग राज्य में अपने अंदर आने वाली 2 लाख 60 हजार किलोमीटर सड़कों को गड्ढा मुक्त करने में लंबे अभियान में जुटा हुआ है।
उठे कई सवाल, जांचों का क्या ?
एक और जहां प्रदेश सरकार के कार्यों की सराहना हो रही है वहीं कई सवाल भी खड़े हैं। सत्ता बदलने के बाद पिछली सरकार की कई परियोजनाओं जांच के रडार पर आयीं लेकिन किसी पर भी कार्रवाई अब तक नहीं हुई है। जेपीएनआइसी का काम रुका जिसे बाद में दोबारा शुरू कर दिया गया। जनेश्वर मिश्र पार्क में जांच के नाम पर कुछ नहीं मिला, साइकिल ट्रैक तोड़े गए तो कहीं बेकार हो गए, गोमती रिवर फ्रंट का काम भी ठप हो चुका है। गोमती नदी अभी भी बदहाल स्थिति में ही है। योज़गार देने के वादे पर सरकार विचार करने के आलावा कुछ नहीं कर सकी है।