
Raksha Bandhan Free Bus Travel In Uttar Pradesh: अखिलेश यादव की रक्षाबंधन पर मुफ्त बस यात्रा संबंधी टिप्पणी के बाद सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने भी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले भी मुफ्त यात्रा का ऐलान किया था, लेकिन जमीनी स्तर पर उसकी व्यवस्था दिखाई नहीं दी।
अवधेश प्रसाद ने कहा, "ये सही बात है। जिस तरह से योगी बाबा ने कहा था कि सरकारी बसें फ्री रहेंगी तो कहीं बसों की व्यवस्था ही नहीं थी। मैंने खुद देखा है कि कुछ बसें हैं जिसमें किराया भी वसूला जा रहा था। तो यह इनकी हवा-हवाई घोषणाएं हैं, ये फर्जी घोषणाएं हैं। पता नहीं इतना दिल-दिमाग कहां रहता है। इनकी सरकार जाने वाली है, ये बहुत चिंता में हैं…।"
सपा के आरोपों पर यूपी सरकार के मंत्री दयाशंकर सिंह ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हर साल रक्षाबंधन के मौके पर महिलाओं को निशुल्क यात्रा की सुविधा दी जाती है।
दयाशंकर सिंह ने कहा, "...भारतीय जनता पार्टी और योगी जी के नेतृत्व में महिलाओं को हर साल रक्षाबंधन में अपने भाईयों को राखी बांधने के लिए निशुल्क यात्रा का ऐलान हुआ... इस बार के रक्षाबंधन पर हमारी माताओं बहनों के लिए जिन्होंने 60 साल की आयु पूरी कर ली है, उनके निशुल्क यात्रा का जो निर्णय लिया है, उससे हमारी माताएं-बहनें इतनी खुश हैं कि वो योगी जी को आशीर्वाद दे रही हैं। इससे अखिलेश यादव कहीं न कहीं विचलित नजर आ रहे हैं क्योंकि उन्होंने अपनी सरकार में एक दिन के लिए भी हमारी माताओं-बहनों को एक भी सुविधा नहीं दी, उल्टा इनके गुंडे उन्हें परेशान करते थे। आज योगी जी के राज में वो सुरक्षित हैं... आज कोई माई का लाल उन्हें छेड़ नहीं सकता है तो अखिलेश जी बौखलाहट में यह बयान दे रहे हैं।"
मुफ्त बस यात्रा के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने भी भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने रक्षाबंधन के मौके पर महिलाओं को लेकर किए जा रहे दावों पर सवाल उठाते हुए भाजपा पर धोखा देने का आरोप लगाया।
अखिलेश यादव ने कहा, "भाजपा अब चाहे कितनी भी कीचड़ फैला दे अब उसका कमल नहीं खिलेगा।
बहनों के साथ धोखा तो रावण ने भी नहीं किया था। अधर्मी भाजपा और उनके संगी-साथी तो दशानन से बड़े झूठे निकले क्योंकि ये दस से भी अधिक मुख से दस गुना झूठ बोलते हैं। रावण ने तो केवल एक बार भेष बदलकर छल किया था, ये तो निरंतर उसी भेष में रहकर छलते-ठगते हैं।
भाजपा जाएगी, फिर कभी नहीं आएगी।"
रक्षाबंधन से पहले महिलाओं के लिए बस यात्रा को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। सपा जहां सरकार के दावों को लेकर सवाल उठा रही है, वहीं भाजपा इसे महिलाओं के हित में उठाया गया कदम बता रही है।
मामला सिर्फ मुफ्त यात्रा तक सीमित नहीं है। दोनों पक्ष इसे महिलाओं की सुरक्षा, कल्याणकारी योजनाओं और आगामी राजनीतिक मुकाबले से जोड़कर एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं। ऐसे में रक्षाबंधन से पहले यह मुद्दा यूपी की सियासत में एक और बड़े राजनीतिक विवाद का रूप लेता दिखाई दे रहा है।