लखनऊ

22 को पूरे दिन बहनें बांध सकती हैं राखी, भद्रा रहित, इस साल शोभन और राजयोग के मुहूर्त

Rakshabandhan Shubh Muhurta of Shobhan and Raja Yoga this year- भाई-बहन के अटूट स्नेह का पर्व रक्षाबंधन (Rakshabandhan) पर इस बार दो शुभ संयोग बन रहा है। इस बार राखी का त्योहार राजयोग में आएगा। भद्रा नहीं रहने से पूरे दिन राखी बांधी जा सकेगी। रक्षाबंधन पर पड़ने वाले दो शुभ संयोग में से पहला संयोग घनिष्ठ नक्षत्र है।
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Updated: 7 Aug 2021, 4:58 PM IST
Rakshabandhan Shubh Muhurta of Shobhan and Raja Yoga this year
Rakshabandhan Shubh Muhurta of Shobhan and Raja Yoga this year

लखनऊ.Rakshabandhan Shubh Muhurta of Shobhan and Raja Yoga this year. भाई-बहन के अटूट स्नेह का पर्व रक्षाबंधन (Rakshabandhan) पर इस बार दो शुभ संयोग बन रहा है। इस बार राखी का त्योहार राजयोग में आएगा। भद्रा नहीं रहने से पूरे दिन राखी बांधी जा सकेगी। रक्षाबंधन पर पड़ने वाले दो शुभ संयोग में से पहला संयोग घनिष्ठ नक्षत्र है। इस नक्षत्र में रक्षा सूत्र बांधकर बहनें अपने भाई की सुख समृद्धि की कामना करती हैं। दूसरा इसी दिन हर कार्य के लिए शुभ माने जाने वाला शोभन योग का संयोग बन रहा है। ये दोनों ही संयोग शुभ फलदायी है। हर साल रक्षाबंधन पर अशुभ माने जाने वाली भद्रा का प्रभाव रहता है, लेकिन इस बार भद्रा नहीं है। सुबह से शाम तक शुभ मुहूर्त में बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं।

श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि 21 अगस्त को शाम सात बजे प्रारंभ हो रहा है। जो कि 22 अगस्त शाम 5.30 बजे तक रहेगी। रविवार के दिन धनिष्ठा नक्षत्र का पड़ना विशेष फलदायी माना जाता है। बहनें, रविवार को दिनभर किसी भी मुहूर्त में रक्षा सूत्र बांध सकतीं हैं।

सवा चार घंटे तक शोभन योग

इस बार राखी के पर्व पर अशुभ माना जाने वाला भद्रा का प्रभाव नहीं पड़ेगा। इसलिए सुबह से श्रेष्ठ मुहूर्त है। खासकर सवा चार घंटे तक विद्यमान रहने वाले शोभन योग के संयोग में राखी बांधना श्रेष्ठ होगा। शोभन योग सुबह 6.15 से 10.35 बजे तक पड़ रहा है। इसके पश्चात शाम 7.45 बजे तक धनिष्ठा नक्षत्र रहेगा।

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