लखनऊ

‘ऑल इज वेल, हम NDA के साथ’, आरएलडी ने मंच वाले बवाल को बताया बेफिजूल

Jayant Chaudhary: एनडीए सरकार का शपथग्रहण समारोह 09 जून को है। उससे पहले ही गठबंधन में मनमुटाव की खबरें सामने आने लगीं हैं। शुक्रवार को एनडीए की बैठक में मंच पर आरएलडी नेता जयंत को जगह नहीं मिलने का सपा ने अपमान बताया है। वहीं, आरएलडी ने इसे बेफिजूल बताया है।

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Jun 08, 2024
Lok Sabha Election 2024

'Jayant Chaudhary: मंच वाले बवाल को आरएलडी ने बताया बेफिजूल, बोली-'ऑल इज वेल', हम NDA के साथएनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नेता चुनने के लिए पूरा एनडीए जुटा। मुख्य मंच पर सीमित जगह होने के कारण प्रमुख नेताओं को ही जगह मिल सकी। चूंकि घटक दलों के अधिकांश प्रमुख नेता इस खास बैठक में मौजूद थे, इसलिए कई नेताओं को मंच के नीचे सांसदों के साथ ही बैठना पड़ा। इनमें रालोद के अध्यक्ष जयंत चौधरी भी शामिल थे, जबकि उनकी पार्टी के दो लोकसभा सांसद हैं। वह खुद राज्यसभा सांसद हैं।

सपा ने कहा, NDA से दूरी बनाएं जयंत

जयंत चौधरी को मंच पर जगह न मिलने को लेकर काफी चर्चाएं हो रही है। समाजवादी पार्टी ने जयंत चौधरी की इन तस्वीरों को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया और तंज कसते हुए लिखा, 'आरएलडी पार्टी के मुखिया जयंत चौधरी को मंच पर जगह तक नहीं दी गईं, जबकि उनकी दो सीटें हैं, वहीं 1-1 सीट वाले दलों के नेताओं को मंच पर साथ में बिठाया गया है। सपा ने आगे लिखा, भाजपा की जाट समाज से नफरत और स्व. चौधरी चरण सिंह जी एवं चौधरी अजीत सिंह जी के प्रति नाटकीय झूठे सम्मान का भंडाफोड़ हो गया है। जयंत चौधरी जी अगर सच में किसान हितैषी हैं, तो उन्हें NDA से दूरी बनानी चाहिए और किसान हितों पर भाजपा के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। छोटे और नजदीकी लालच के चक्कर में अपने स्वाभिमान और किसान हितों का सौदा भाजपा से नहीं करना चाहिए।

"हम NDA के साथ"

वहीं, जयंत चौधरी के बेहद करीबी नेता ने बताया कि मंच पर जग नहीं देना कोई बड़ा मुद्दा नहीं है। यह केवल मिस-मैनेजमेंट का मामला है। इस बात को इतना तूल नहीं देना चाहिए। कोई ऐसा जानबूझ कर क्यों करेगा। वह कहते हैं, गुरुवार को जब एनडीए के घटक दलों की बैठक हुई थी, तब भी नरेंद्र मोदी ने उनसे उनका हालचाल पूछा था, जिसकी तस्वीरें भी शेयर हुईं थीं। आज भी जब एनडीए के नेता राष्ट्रपति से मिलने गए थे, तब भी राष्ट्रपति के बाएं तरफ पंक्ति में खड़े हैं। इसकी भी फोटो शेयर हुईं हैं। सूत्र बताते हैं कि आरएलडी के खाते में एक मंत्री पद आ सकता है। वहीं, आरएलडी को लेकर एनडीए में किसी तरह के मनमुटाव पर वह कहते हैं, "ऑल इज वेल।"

मंत्रिमंडल में वेस्ट को लेकर चर्चाएं तेज

बता दें कि एनडीए की ओर से सर्वसम्मति से नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री चुने जाने के बाद अब सबकी नजरें मंत्रिमंडल पर है। इस बार मंत्रिमंडल में पश्चिम उत्तर प्रदेश में कौन होगा तो चर्चाओं का बाजार गर्म है। रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी या कोई और…। सबकी नजरें टिकी है एनडीए नेतृत्व पर। मोदी सरकार-2 में पश्चिम उत्तर प्रदेश से डा.संजीव बालियान शामिल थे। इस बार वे चुनाव हार हार गए हैं। भाजपा-रालोद गठबंधन में इस कारण अब पश्चिम क्षेत्र से जयंत चौधरी के नाम की चर्चा चल रही है। हालांकि अभी कहीं से सूचना नहीं मिली है।

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