
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव (Panchayat Chunav) अंतिम दौर है। 29 अप्रैल को चौथे चरण का मतदान होगा। इसके बाद दो मई को परिणाम घोषित किए जाएंगे। प्रदेश में कोरोना वायरस से हाहाकार मचा हुआ है। ऐसे में कोविड की विकट परिस्थितियों के बीच हो रहे चुनावों को देखते हुए आयोग मतगणना के लिए तैयारी कर रहा है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए कुछ ऐसे नियम बनाए गए हैं, जिनका पालन प्रत्याशियों के लिए करना जरूरी है।
कोरोना की दूसरी लहर से बिगड़ती स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने नई व्यवस्था बनाई है। शासन ने मतगणना में एंट्री के लिए प्रत्याशी और एजेंटों की कोरोना जांच जरूरी की है। एजेंट की कोविड की नेगेटिव रिपोर्ट आने के बाद ही मतगणना परिसर में एंट्री मिलेगी। कुल मिलाकर प्रत्याशियों को अपने एजेंट्स का कोविड टेस्ट करवाना अनिवार्य होगा। इसी तरह कुछ एजेंट्स के पास भी मिलेंगे। जिन एजेंट्स के पास बनेंगे उनको भी कोविड गाइडलाइन का पालन करना जरूरी होगा।
चुनाव वाले स्थानों पर स्ट्रॉन्ग रूम
जिन स्थानों पर चुनाव आयोजित कराए गए हैं, वहां स्ट्रॉन्ग रूम बनाए गए हैं। इन स्ट्रॉन्ग रूम में मतपेशियों को कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया है, जहां मतपेटियों की पुलिस तथा सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। सीसी कैमरे से स्ट्रांग रूम पर अधिकारी भी नजर रख रहे हैं।