
लखनऊ. योगी आदित्यनाथ सरकार ने यूपी की महिलाओं की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार की सेफ सिटी योजना को लखनऊ सहित प्रदेश के 17 शहरों में लागू किया है। वे शहर जहां नगर निगम हैं वे सभी सेफ सिटी की छतरी के नीचे लाए जाएंगे।
महिला सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में सभी नगर निगमों में सेफ सिटी परियोजना लागू करने की योजना पर सहमति बनी थी। इसके तहत लखनऊ में सेफ सिटी पर 194.55 करोड़ खर्च होने हैं। इसमें केंद्र 40 और राज्य सरकार 60 प्रतिशत रकम खर्च करेगी। केंद्र सरकार ने अपने अंश का 62.89 करोड़ जारी भी कर दिया है। लखनऊ के अलावा कानपुर, प्रयागराज, मेरठ, अलीगढ़, बनारस, अयोध्या, मथुरा, शाहजहांपुर, सहारनपुर, गाजियाबाद, फिरोजाबाद, मुरादाबाद, आगरा, गोरखपुर, झांसी, बरेली भी सेफ सिटी बनेंगे।
ऐसे बनेंगी सेफ सिटी
सेफ सिटी में महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी महिला पुलिस कर्मियों के ऊपर ही होगी। उनके पास पिंक स्कूटर और एसयूवी वाहन होगा, जिससे वह शोहदों पर नजर रखेंगी। महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट भी बनेंगे। ऐसे इलाकों को चिन्हित किया जाएगा, जहां महिलाओं का आवागमन रहता है। उनके लिए खतरा रहता है मगर, रोड लाइट फिर भी नहीं हैं। कहीं पर उसकी रोशनी बहुत कम है। इन सड़कों पर शाम बाद तेज रोशनी के इंतजाम किए जाएंगे। बसों में सीसीटीवी कैमरे और पैनिक बजट भी होंगे। जगह-जगह महिला पुलिस कियास्क बनेंगे, जहां महिला पुलिस कर्मी तैनात होंगी। महिला कर्मियों को लाने ले जाने के लिए बस और एसयूवी भी होंगे।
इन उपायों से बढ़ेगी महिला सुरक्षा
-सौ पिंक आउट पोस्ट का निर्माण
-सौ पिंक स्कूटर (पेट्रोल) और 11 पिंक एसयूवी
-74 पिंक टॉयलेट का संचालन महिलाएं ही करेंगी
-लखनऊ में 2820 जगहों पर रोड लाइट लगाई जाएंगी
-29 महिला पुलिस कियॉस्क बनाए जाएंगे
-बसों में वीटीएस, सीसीटीवी कैमरा, पैनिक बटन भी लगेंगे