
Saharanpur Masjid Demolition Case: सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद गिराए जाने के मामले में लगातार राजनीतिक और धार्मिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। बता दें कि प्रशासन की ओर से यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश के बाद की गई। अब इस पूरे मामले पर कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन पर शायरी के जरिए निशाना साधा है।
इमरान प्रतापगढ़ी ने एक्स पर लिखा कि प्रशासन का कहना है कि सहारनपुर मस्जिद कलेक्ट्रेट की जमीन पर बनी है। लेकिन सच्चाई यह है कि कलेक्ट्रेट के अस्तित्व में आने से बहुत पहले से ही वह मस्जिद वहां मौजूद थी। उन्होंने प्रशासन की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि, 'अब जब आपके हाथ में वैध और अवैध के प्रमाण-पत्र जारी करने की शक्ति है तो आप अपनी मर्जी से किसी को भी अवैध घोषित कर सकते हैं।'
सरकार की कार्यप्रणाली पर निशाना साधते हुए इमरान ने आगे लिखा कि, 'जहां भी जाएं धुआं फैलाएं, जहां भी पहुंचें अराजकता फैलाएं। राजनीति ने आपको हरी-भरी जमीनों को लाल करने का अधिकार दे दिया है। आप ही अपील हैं, आप ही दलील हैं, आप ही गवाह हैं और आप ही वकील हैं। अपनी मर्जी से किसी को भी हराम घोषित करें और अपनी मर्जी से किसी को भी हलाल घोषित करें।'
ध्वस्तीकरण के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद की जगह अब खाली मैदान नजर आ रहा है। मौके पर मौजूद जानकारी के मुताबिक मस्जिद का मलबा पूरी तरह हटा दिया गया है और JCB मशीनों ने लगातार काम किया। मौके पर सुरक्षा के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा। प्रशासन ने संवेदनशीलता को देखते हुए इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई है।
सहारनपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में 3000 स्क्वायर फीट में बनी यह मस्जिद करीब 70 साल पुरानी बताई जाती है। 10 फरवरी, 2025 को बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने इसे अवैध बताते हुए DM से शिकायत की थी। उनका आरोप था कि मस्जिद परिसर के कमरों और डाकघर से अवैध किराया वसूला जा रहा है।
डीएम के आदेश पर हुई जांच में मस्जिद अवैध पाई गई। 16 जुलाई, 2026 को नगर मजिस्ट्रेट कोर्ट ने इसे अवैध मानते हुए हटाने और 6.41 करोड़ रुपये का हर्जाना वसूलने का आदेश दिया था। इसके खिलाफ मस्जिद पक्ष ने 20 जुलाई को जिला कोर्ट में याचिका दायर की लेकिन 2 सितंबर को जिला जज ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए याचिका खारिज कर दी। इसी के बाद शनिवार सुबह 4 बजे से 6 बुलडोजरों की मदद से मस्जिद ढहाने की कार्रवाई शुरू की गई।