
Sara Ali Khan Kedarnath Controversy: बॉलीवुड अभिनेत्री सारा अली खान के हाल ही केदारनाथ धाम दौरे को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने अभिनेत्री के मंदिर दर्शन और पूजा-अर्चना करने पर कड़ा एतराज जताया है। उन्होंने इसे इस्लाम और शरीयत के सिद्धांतों के खिलाफ बताते हुए कहा कि किसी भी मुस्लिम के लिए मंदिर में पूजा-पाठ करना 'नाजायज और हराम' है।
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने स्पष्ट किया कि कई मुस्लिम युवाओं द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में उन्होंने यह धार्मिक मत व्यक्त किया है। उन्होंने कहा, 'शरीयत-ए-इस्लामिया अपने अनुयायियों को किसी भी तरह से 'शिर्क' करने की इजाजत नहीं देती। चाहे पुरुष हो या महिला, किसी भी मुसलमान का दूसरे धर्म की परंपराओं को अपनाना या मंदिर में पूजा-अर्चना करना पूरी तरह वर्जित है।'
मौलाना ने आगे कहा कि सारा अली खान एक मशहूर शख्सियत हैं। उन्होंने केदारनाथ मंदिर में दर्शन किए और आधे घंटे तक कतार में रहकर पूजा-पाठ किया, जो शरीयत की रोशनी में कड़ा गुनाह है। उन्होंने कहा कि सारा को खुदा की बारगाह में तौबा करके अपने इस कदम के लिए माफी मांगनी चाहिए। हालांकि, मौलाना ने यह भी स्पष्ट किया कि यह उनका अपना निजी धार्मिक मत है और इसे संपूर्ण मुस्लिम समुदाय की एकमत राय न समझा जाए।
एक्ट्रेस सारा अली खान के खिलाफ फतवा जारी होने पर BJP प्रवक्ता यासिर जिलानी ने कहा कि कुछ लोगों ने खुद को समाज का रखवाला बना लिया है, खासकर कुछ खुद को मौलाना कहने वाले। उनका एकमात्र काम उन लोगों के बारे में बयान देना लगता है जिन्हें वे जानते भी नहीं, जिनके चरित्र से वे अनजान हैं, और जिनकी ज़िंदगी और पारिवारिक हालात के बारे में वे कुछ नहीं जानते।
गौरतलब है कि अभिनेत्री सारा अली खान 25 से 27 अक्टूबर के बीच उत्तराखंड दौरे पर थीं। वे हेलिकॉप्टर से केदारनाथ धाम पहुंचीं, जहां उन्होंने बेहद सादे लिबास और टोपी में बाबा केदार के दर्शन किए। 2017 में अपनी पहली फिल्म 'केदारनाथ' की शूटिंग के दौरान वे करीब दो महीने तक वहां रुकी थीं। इसके बाद से अब तक वे लगभग 5 बार केदारनाथ धाम और भगवान तुंगनाथ के दर्शन कर चुकी हैं। वे अक्सर अपनी धार्मिक आस्था और उत्तराखंड यात्राओं की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करती रहती हैं, जिसे लेकर पहले भी कई बार बहस छिड़ चुकी है।
एक्ट्रेस सारा अली खान के केदारनाथ में आरती करने पर महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे ने कहा कि जो कोई भी हिंदू मंदिर जाता है, उसका स्वागत होना चाहिए। सनातन हिंदू धर्म ही एकमात्र ऐसा धर्म है जहां हम इस तरह से लोगों का स्वागत करते हैं। दूसरे धर्मों में, किसी को भी बस दर्शन करने और वहां खड़े होने की कोई इजाजत या नियम नहीं है। यह हमारे सनातन हिंदू धर्म की एक खासियत है।